Site icon Samagra Bharat News website

नेपाल में फ्लैश फ्लड से तबाही, बिहार-यूपी में हाई अलर्ट

समग्र समाचार सेवा
काठमांडू, नेपाल: पड़ोसी देश नेपाल में प्रकृति ने एक बार फिर भयानक कहर बरपाया है। नेपाल के उत्तरी हिस्से और तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले के पास भोटे कोशी नदी प्रणाली में अचानक आए भीषण फ्लैश फ्लड (Flash Flood) ने भारी तबाही मचाई है। इस जलप्रलय की वजह से मकान, पुल, सड़कें और कई जलविद्युत परियोजनाएं मलबे में तब्दील हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम से कम 95 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि विभिन्न इलाकों से लगभग 384 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इस भारी तबाही के बाद भारत के सीमावर्ती राज्यों—बिहार और उत्तर प्रदेश—में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

कैसे आई नेपाल में यह अचानक आपदा और क्या है कारण?

शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल के ऊपरी हिमालयी इलाकों में अचानक आए इस सैलाब का मुख्य कारण किसी ग्लेशियर झील के फटने (GLOF) या बर्फ के खिसकने जैसी घटना को माना जा रहा है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर कोई भारी बारिश दर्ज नहीं की गई थी। तिब्बत सीमा से सटी पहाड़ियों से पानी और मलबे का सैलाब जब भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में उतरा, तो रास्ते में आने वाली हर चीज को अपने साथ बहा ले गया। नेपाल सरकार और टूरिज्म बोर्ड ने जानकारी दी है कि इस आपदा की चपेट में कई विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री भी आए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने इस घटना के बाद आपात बैठक बुलाई है और सेना तथा बचाव दलों को राहत एवं खोज अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।

भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता? गंडक नदी पर मंडराया खतरा

नेपाल की इन नदियों का पानी सीधे तौर पर भारत के मैदानी इलाकों, विशेषकर उत्तर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की तरफ बहता है। नेपाल में आई इस बाढ़ के कारण वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज (Gandak Barrage) पर जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने गंडक बराज के सभी 36 गेटों को पूरी तरह से खोल दिया है ताकि पानी के दबाव को नियंत्रित किया जा सके। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले कुछ घंटों में जलप्रवाह और अधिक गंभीर रूप ले सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हाई अलर्टपरिस्थितियों की नजाकत को भांपते हुए बिहार के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने एक उच्चस्तरीय आपात बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है। बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, मुजफ्फरपुर और दरभंगा समेत गंडक बेसिन से जुड़े लगभग आधा दर्जन जिलों में प्रशासन को पूरी तरह से मुस्तैद रहने को कहा गया है। नदियों के किनारे बसे गांवों में मुनादी कराई जा रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों व बांधों पर जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी नेपाल से सटे महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे गंडक और राप्ती नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखें और संवेदनशील इलाकों के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें।

Exit mobile version