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रक्त केंद्रों को मजबूत करने की उठी मांग

समग्र समाचार सेवा
जम्मू, 4 सितंबर: जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करने वाले रक्त केंद्रों और ब्लड स्टोरेज सेंटर्स को सुदृढ़ बनाने के लिए अब आवाज तेजी से उठने लगी है। इसी कड़ी में, यंग ब्लड एसोसिएशन, जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष डॉ. सतवंत सिंह रित्सम ने देश के माननीय राज्यसभा सांसद श्री सत शर्मा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने जम्मू क्षेत्र के सभी रक्त केंद्रों में आवश्यक उपकरणों और बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने की जोरदार मांग की है। उनका कहना है कि आज के समय में सुरक्षित और कुशल रक्त बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए इन केंद्रों का आधुनिकीकरण बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि किसी भी आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में रक्त की भूमिका सबसे अहम होती है।

आपातकालीन देखभाल और जीवन रक्षक सेवाओं के लिए अहम

डॉ. सतवंत सिंह रित्सम ने सांसद को सौंपे गए अपने ज्ञापन में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला है कि ब्लड सेंटर्स केवल सामान्य चिकित्सा का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ये आपातकालीन देखभाल (emergency care), जटिल सर्जरीज, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं (maternal health services), और ट्रॉमा मैनेजमेंट जैसी जीवन रक्षक चिकित्सा आवश्यकताओं की रीढ़ हैं। यदि इन केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं और आधुनिक उपकरण उपलब्ध नहीं होंगे, तो गंभीर मरीजों की जान बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसलिए यह आवश्यक है कि सरकार और संबंधित विभाग इस संवेदनशील मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और बिना किसी देरी के आवश्यक कदम उठाएं।

किन-किन उपकरणों और सुविधाओं की है सख्त जरूरत?

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उन तमाम उपकरणों और बुनियादी सुविधाओं की सूची दी गई है जिनकी रक्त केंद्रों को तुरंत आवश्यकता है। इनमें पानी के फिल्टर और आरओ (RO) सिस्टम, आईडी सेंट्रीफ्यूज मशीनें, आईडी incubators, पोर्टेबल डोनर काउच, ब्लड स्टोरेज रेफ्रिजरेटर, हीमोग्लोबिन जांच के लिए हेमोक्यू (HemoCue) डिवाइस, और परिवहन के दौरान कोल्ड चेन बनाए रखने के लिए ब्लड बैग कैरियर्स शामिल हैं। इसके अलावा, ज्ञापन में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि कई स्टोरेज सेंटर्स में वर्तमान में बिजली का कोई विश्वसनीय बैकअप नहीं है, जिससे पावर कट होने पर रक्त के सुरक्षित भंडारण पर एक बहुत बड़ा और गंभीर संकट खड़ा हो जाता है।

रक्तदाताओं की सुविधा और मरीजों की सुरक्षा पर असर

डॉ. रित्सम ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण न केवल रक्तदाताओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है, बल्कि रक्त की गुणवत्ता, उसकी स्टोरेज सेफ्टी और मरीजों के लिए उसकी निरंतर उपलब्धता भी प्रभावित होती है। बिना पावर बैकअप के बार-बार होने वाली बिजली की कटौती रक्त के संरक्षण और मरीजों की सुरक्षा के लिए सीधा जोखिम पैदा करती है। यंग ब्लड एसोसिएशन ने संबंधित उच्चाधिकारियों और सरकार से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और रक्त ट्रांसफ्यूजन के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए तुरंत जमीनी स्तर पर कार्य करें, ताकि जम्मू क्षेत्र में अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सके।

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