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MP के ‘बिट्टू तबाही’ ने अकेले नदी की सफाई शुरू कर दिखाई मिसाल

MP के 'बिट्टू तबाही' ने अकेले नदी की सफाई शुरू कर दिखाई मिसाल

समग्र समाचार सेवा |

राजगढ़ मध्य प्रदेश, 5 सितंबर :मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के बियावरा में 21 वर्षीय बीएससी छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, ने अजनार नदी की सफाई के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी है। 26 जनवरी 2026 को शुरू हुए इस अभियान में बिट्टू ने बिना किसी सरकारी उपकरण या संसाधन के नदी से कचरा, पॉलीथिन और मलबा हटाना शुरू किया। सफाई के दौरान उन्हें हाथ-पैर में संक्रमण और सांपों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन वे रुके नहीं।

बिट्टू की मेहनत और समर्पण ने सोशल मीडिया पर खूब तारीफ बटोरी है। उन्होंने ‘पहले और बाद’ की तस्वीरें शेयर कीं, जिससे लोगों को नदी की असली स्थिति का पता चला। उनकी लगन देखकर बियावरा नगर पालिका भी आगे आई और भारी मशीनें, जैसे पोकलेन एक्सावेटर, लगाकर नदी से जमा कचरा हटाने में मदद की।

नगर पालिका के सब-इंजीनियर रूपेश कुमार नेताम ने बताया कि मानसून से पहले हर साल नदी और नालों की सफाई की जाती है, लेकिन इस बार बिट्टू की पहल से सफाई अभियान को नई दिशा मिली है। स्थानीय लोग भी इस अभियान में शामिल हुए हैं। नेताम ने कहा, “सोशल मीडिया पर शेयर की गई पहले और बाद की तस्वीरें असली हैं और नदी की बदली हालत को दर्शाती हैं।”

हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती नदी में बिना ट्रीटमेंट का अपशिष्ट जल बहना है। नगर पालिका ने 14.77 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे भविष्य में नदी को स्थायी रूप से स्वच्छ रखा जा सके।

बिट्टू तबाही का यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाता है कि एक सामान्य युवक भी समाज और प्रकृति के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है—जरूरत है बस जज्बे और पहल की। उनकी कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि छोटी-छोटी शुरुआतें भी बड़ा असर ला सकती हैं।

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