समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 1अगस्त। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) हर साल “भारत में अपराध” नामक वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करता है, जिसमें उस विशेष वर्ष के अपराध आंकड़ों का विस्तृत सेट होता है। यह जानकारी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ)/केंद्रीय पुलिस संगठनों (सीपीओ) से प्राप्त की जाती है।
एनसीआरबी द्वारा वर्ष 2022 से संबंधित नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2020-2022 के दौरान पंजाब राज्य में जब्त किए गए नशीले पदार्थों का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।
पंजाब में नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए उठाए गए कदम
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ): राज्य में विशेष डीजीपी के अधीन एक समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) कार्यरत है। यह एएनटीएफ प्रमुख के रूप में कार्य करता है।
खुफिया जानकारी का समन्वय: बीएसएफ, सीआरपीएफ, डीआरआई, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क जैसी विभिन्न ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ एलआईए (लीड इंटेलिजेंस एजेंसी), एसएमएसी (सहायक बहु एजेंसी केंद्र), आरईआईसी (क्षेत्रीय आर्थिक खुफिया परिषद) जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से खुफिया जानकारी का वास्तविक समय में समन्वय और साझा करना।
संयुक्त सचिवालय: सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश का एक संयुक्त सचिवालय पंचकूला में स्थित है।
संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी): महत्वपूर्ण जब्ती की जांच की निगरानी के लिए एनसीबी के महानिदेशक की अध्यक्षता में एक संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की स्थापना की गई है।
मानस हेल्पलाइन 1933: सरकार ने 1933-मानस हेल्पलाइन शुरू की है, जो नागरिकों के लिए ड्रग से जुड़े मुद्दों की रिपोर्ट करने के लिए एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करती है।
सलाहकार बोर्ड: पंजाब राज्य में मादक पदार्थों और मन:प्रभावी पदार्थों (पीआईटीएनडीपीएस) के अवैध व्यापार की रोकथाम के लिए सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया है।
डार्कनेट और क्रिप्टो-करेंसी टास्क फोर्स: मल्टी एजेंसी सेंटर (एमएसी) तंत्र के तहत डार्कनेट और क्रिप्टो-करेंसी पर एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य नार्को-तस्करी को आसान बनाने वाले सभी मंचों की निगरानी, ड्रग नेटवर्क को रोकने और एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करना है।
बीएसएफ और आरपीएफ को अधिकार: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) सहित सीमा की सुरक्षा में लगे सभी बलों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मादक पदार्थों की अवैध तस्करी की तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी करने के लिए एनडीपीएस अधिनियम 1985 के तहत अधिकार दिया गया है। इसके अलावा, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को भी रेल मार्गों पर नशीली दवाओं की तस्करी की जांच करने के लिए एनडीपीएस अधिनियम के तहत अधिकार दिया गया है।
अमृतसर में एनसीबी का नया कार्यालय: अमृतसर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का एक नया क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किया गया है और एनसीबी के अमृतसर उप-क्षेत्र को क्षेत्रीय इकाई में अपग्रेड किया गया है।
ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता निर्माण: एनसीबी लगातार बीएसएफ और अन्य ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहा है।
भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ के विशेष कदम
भेद्यता मानचित्रण: भारत-पाकिस्तान सीमा पर अतिरिक्त विशेष निगरानी उपकरण, वाहन आदि तैनात करके निगरानी को मजबूत करने के लिए विस्तृत भेद्यता मानचित्रण किया गया है।
सीमा पर चौबीसों घंटे निगरानी: सीमा पर गश्त करना, नाके लगाना, अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर निगरानी चौकियों पर जवानों को तैनात करना आदि के जरिए प्रभावी वर्चस्व स्थापित करना।
बॉर्डर फ्लड लाइट: रात में अंधेरे के दौरान क्षेत्र को रोशन करने के लिए सीमा सुरक्षा बाड़ के साथ बॉर्डर फ्लड लाइट लगाना।
वाटर क्राफ्ट/बोट का उपयोग: अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नदी क्षेत्र पर वर्चस्व के लिए वाटर क्राफ्ट/बोट और फ्लोटिंग बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) का उपयोग करना।
ड्रोन विरोधी प्रणाली: भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन विरोधी प्रणाली स्थापित की गई है, ताकि दुश्मनों की ओर से आने वाले ड्रोनों के खतरे से बचा जा सके।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत नशीली दवाओं की जब्ती का विवरण
| वर्ष | अफीम आधारित ड्रग्स (किलोग्राम) | कैनाबिस आधारित ड्रग्स (किलोग्राम) | कोकीन (किलोग्राम) | मनोविकार जनक पदार्थ (किलोग्राम) | औषधीय तैयारियां (संख्या) | अन्य औषधियां (किलोग्राम) | कुल (किलोग्राम) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2020 | 36271.862 | 977.227 | 0.01 | 0.03 | 44649599 | 37364.676 | 44649858 |
| 2021 | 35911.914 | 2781.429 | 5.869 | 0.4 | 17772534 | 38783.17 | 17772675 |
| 2022 | 46502.577 | 1836.068 | 0.168 | 30.526 | 6246151 | 49421.858 | 6246151 |
स्रोत: भारत में अपराध, एनसीआरबी, 2022
गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
