समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,12 सितम्बर। पंजाब में पिछले 35 साल से रह रहे एक परिवार की मुश्किलें उनकी स्थानीय पहचान और सम्मान से जुड़ी हुई हैं। परिवार के मुखिया ने हाल ही में अपनी स्थिति को लेकर खुलासा किया कि भले ही उनका पहचान पत्र पंजाब का है, उनके बच्चे यहीं जन्मे हैं और उनके पोते-पोतियां भी इसी पिंड में पैदा हुए हैं, लेकिन स्थानीय लोग उन्हें ‘भैये’ के संबोधन से नवाजते हैं।
पंजाब में स्थानीय पहचान की चुनौती: ‘भैये’ के संबोधन से जुड़ी समस्याएं
Related Posts
Add A Comment
© 2026 Samagra Bharat News website. All Rights Reserved.
