असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगु ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्रालय का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा, “यह पहल हमारे छात्रों की शिक्षा और अनुशासन के स्तर को काफी ऊंचा उठाएगी।” साथ ही, उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनके प्रयासों से यह फंड प्राप्त हुआ। यह 100 करोड़ रुपये की राशि असम में शिक्षा के व्यापक विकास के लिए आवंटित 335.87 करोड़ रुपये के बड़े बजट का हिस्सा है।
लांगवोकू में बनने वाला यह नया सैनिक स्कूल असम का दूसरा सैनिक स्कूल होगा। इसके निर्माण से इस क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति जैसे मूल्य विकसित किए जाएंगे। असम विधानसभा के उपाध्यक्ष नुमल मोमिन ने भी इस अनुदान को असम के लिए “गौरवशाली क्षण” करार देते हुए केंद्र सरकार की सराहना की।
मोमिन ने कहा कि यह स्कूल विशेष रूप से 108वें बोका जान (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है और यह असम के युवाओं के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सैनिक स्कूलों की भूमिका केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करने में सहायक होती है।
सैनिक स्कूलों की शिक्षा पद्धति अनुशासन, कठोर शारीरिक प्रशिक्षण और नेतृत्व कौशल पर केंद्रित होती है। यह स्कूल भी उन्हीं सिद्धांतों पर काम करेगा, जिससे छात्रों को भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। दशकों से सैनिक स्कूलों ने देश को कई योग्य सैन्य अधिकारी और प्रशासनिक सेवा के अधिकारी दिए हैं। लांगवोकू का नया सैनिक स्कूल इस गौरवशाली परंपरा को और आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।
इस स्कूल की स्थापना केवल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह स्थानीय समाज और अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक बदलाव लाएगी। स्कूल के निर्माण से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा, इस संस्थान की स्थापना से कार्बी आंगलोंग जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा और विकास को नई गति मिलेगी।
जैसे-जैसे इस सैनिक स्कूल का निर्माण कार्य शुरू होगा, स्थानीय लोगों और शिक्षा से जुड़े संगठनों में इसे लेकर उम्मीदें बढ़ रही हैं। यह स्कूल असम के बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के नए द्वार खोलेगा और उन्हें देश सेवा के लिए तैयार करेगा।