नयी दिल्ली। जीवन भर राजनीति में रहूंगी । समाज मानव और धर्म सेवा ही जिंदगी का मूल मकसद है। इसके बावजूद 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव मैं नहीं लडूंगी । चुनाव प्रचार के लिए पूरा समय दूंगी। 15 जनवरी से डेढ़ माह तक गंगा पदयात्रा पर रहूंगी। जो भी समय मिलेगा वह भगवान राम गंगा नदी और पर्यावरण के लिए ही जीवन भर समर्पित रहूंगी। और अंत में सुन लो और पूरे संसार को बता दो कि भारत में प्रधानमंत्री मोदी जी का न कोई विकल्प है और न विपक्ष में ताकत है। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह को भी कोई खतरा नहीं है। धार्मिक वाचन से मशहूर होकर खजूराहो से पहली बार 1989 में सांसद बनने के बाद केंद्रीय मंत्री और मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी सुश्री उमा भारती ने समग्र भारत से बात करती हुई अपनी भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला।—–पांच राज्यों में मतदान खत्म होने के बाद तमाम खबरिया चैनलों पर प्रसारित एग्जिट पोल पर ठहाका लगाती है। उन्होंने कहा कि आप सब मीडिया वाले मंगलवार के दिन शर्मसार हो जाएंगे। मीडिया भी कांग्रेस की तरह हकीकत को नकारते हुए मुगालते में है। एक उपदेशक की तरह सुश्री उमा ने कहा कि कांग्रेस तो पार्टी है उसके लिए बहुत कुछ माफी हो संभव है मगर कैसा भी माहौल हो मीडिया को संयम और विवेक से काम करना आवश्यक है। मीडिया को निष्पक्ष होकर ही काम करना चाहिए।एक सवाल के जवाब में भारती ने कहा कि बस देखते रहो कि किस प्रचंड जीत के साथ शिवराज भाई रमण भाई और वसुंधरा फिर से सरकार बना रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के तेज और लहर पर उठ रहे सारे भ्रम चुनाव परिणाम से दूर हो जाएंगे। इस चुनाव के बाद देश में फिर से सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाली पार्टियों की कलई खुल जाएगी सकारात्मक सोच और माहौल के बीच काम और लोकसभा चुनाव होगा। चुनाव को लेकर तो इतना आत्मविश्वास तो प्रधानमंत्री को नहीं है आपमें क्यों है? अपनी आवाज को बुलंद करके भारती ने कहा कि यह सब मीडिया की बनी बनाई बात है। इस बार पहले से ज्यादा सांसद के साथ मोदी जी सरकार बनाएंगे। मगर आप 2019 में चुनाव नहीं लड़ेंगी क्या यह मोदी सरकार के खिलाफ आपकी बगावत या खिलाफत नहीं है? सवाल सुनते ही अपने हाथ को कानों पर ले जाकर बोल उठी। राम राम राम राम राम। क्या बकवास है। भाजपा पार्टी नहीं मेरा घर है, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई तो अपने भाई हैं। उनके खिलाफ तो मैं सोच भी नहीं सकती और मीडिया वाले मुझसे खिलाफत करवा रहे हैं। पार्टी छोड़ कर जाऊंगी तो कहां जाऊंगी ? लोकसभा चुनाव में पूरा समय प्रचार करूंगी। चुनाव जीतने के लिए काम करूंगी। इस आरोप को नकारते हुए कहा कि यह कहना ग़लत है कि प्रचार के लिए केवल मोदी और अमित शाह है। भाजपा में वक्ताओं की कोई तक कमी नहीं है, और इस बार अलग अलग इलाकों में अलग-अलग लोगों को दायित्व सौंपा जाएगा।एक सवाल के जवाब में कहा कि इस बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला जनवरी में ही कर ली थी, और अध्यक्ष अमित भाई को बताया तो वे नाराज हो गए और कहा कि आपलोग ही चुनाव नहीं लड़ेंगी तो क्या होगा? यानी जब आप पर प्रेशर डाला जाएगा तो चुनाव में उतर भी सकतीं हैं? इस पर भारती ने कहा कि नहीं 2019 में चुनाव नहीं लड़ेंगी, क्योंकि न मेरी कोई तैयार है और न मैं सोच रही हूं। इस बार पूरा समय पार्टी के लिए ही दूंगी। इस सवाल पर एतराज़ किया कि सांसद रहूंगी तो केवल लोकसभा में रहूंगी। परदे के पीछे से राज्यसभा में जाने वाली मैं नहीं हूं। राजनीति में तो रहूंगी पर अभी गंगा पदयात्रा करने वाली हूं। इसके बाद लोकसभा चुनाव में सक्रिय रहूंगी। उसके बाद गंगा गाय पर्यावरण सफाई और ध्यान साधना और अयोध्या में रहकर मंदिर निर्माण के लिए काम करेंगे।
भाजपा प्रचंड बहुमत से विजयी होकर फिर सरकार बनाएगी– उमा भारती / अनामी शरण बबल
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