नयी दिल्ली। पुलवामा आतंकी आत्मघाती हमले के बाद सरकार का तेवर नरम है। देश में गुस्से की लहर है। सरकार पर बदले की कार्रवाई के लिए दवाब है। इसके बावजूद केंद्रीय अर्धसैनिक बल कल्याण संघ की 13 सूत्रीय मांगो पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सालों से कोई गौर नहीं किया जा रहा है। सरकारी उपेक्षा से संघ का तेवर गरम है। अपनी मांगों के समर्थन में सुंदरनगर के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में संघ के जिलाध्यक्ष जमील अख्तर ने कहा कि संघ ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा,हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर व कांगड़ा के सांसद शांता कुमार के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मांग पत्र सौंपा था।.उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर आज तक प्रधानमंत्री द्वारा कोई गौर नहीं किया गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द उनकी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि संघ की मुख्य मांगों में सेवानिवृत्त सैनिक को मेडिकल सुविधा देने जैसी मांगें सबसे प्रमुख हैं. उन्होंने कहा कि एक फरवरी 2017 से मेडिकल सुविधा प्राप्त करने के लिए बनने वाले कार्ड का रेट दोगुना कर दिया गया है, इसके बाद भी इन सुविधाओं से जवानों को वंचित कर दिया गया है। ढेरों ज़रुरी मांगो पर सरकार की उपेक्षा बरकरार है। ।।
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों की जायज मांगों पर सरकार खामोश
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