समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28जुलाई। आज देश में जो निजी क्षेत्र के 3 सबसे बड़े बैंक हैं, यानी ICICI बैंक, HDFC बैंक, और AXIS बैंक – यह तीनों कभी सरकारी बैंक हुआ करते थे ,लेकिन पी.वी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मन्त्री रहे डॉ.मनमोहन सिंह ने इन्हें बेच दिया। *
*ICICI का पूरा नाम था इंडस्ट्रियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इण्डिया। *
*यह भारत सरकार की ऐसी संस्था थी, जो बड़े उद्योगों को ऋण देती थी। *
*एक झटके में वित्त मन्त्री डॉ.मनमोहन सिंह ने इसका डिसइनवेस्टमेंट करके, इसे प्राइवेट बना दिया, और इसका नाम और ICICI बैंक हो गया। *
आज जो HDFC बैंक है, उसका पूरा नाम हाउसिंग डेवलपमेन्ट कारपोरेशन ऑफ़ इण्डिया था यह भारत सरकार की एक ऐसी संस्था हुआ करती थी, जो मध्यम वर्ग के नागरिकों को सस्ते ब्याज़ पर होम लोन देने का काम करती थी।
नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मन्त्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, “सरकार का काम केवल गवर्नेंस करना है, होम लोन बेचना नहीं है।”
*डॉ. मनमोहन सिंह इसे आवश्यक कदम बताते हैं, और कहते हैं, “सरकार का काम केवल सरकार चलाना है, बैंक चलाना, या लोन देना नहीं है!”और एक झटके में वित्त मन्त्री डॉ. मनमोहन सिंह ने HDFC बैंक को बेच दिया। और यह निजी क्षेत्र का बैंक बन गया। *
इसी तरह की बेहद दिलचस्प कहानी AXIS बैंक की है।
भारत सरकार की एक संस्था हुआ करती थी, उसका नाम था यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया। यह संस्था लघु बचत को बढ़ावा देने के लिये बनायी गयी थी। यानी आप इसमें छोटी-छोटी रकम जमा कर सकते थे।
नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मन्त्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, “सरकार का काम चिटफंड की स्कीम चलाना नहीं है।”
*और एक झटके में इसे बेच दिया गया। पहले इसका नाम UTI बैंक हुआ, और बाद में इसका नाम AXIS बैंक हो गया। *
इसी तरह आज IDBI बैंक है, जो एक प्राइवेट बैंक है
*एक समय में यह भारत सरकार की संस्था हुआ करती थी, *
जिसका नाम था इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया।
*इसका भी काम उद्योगों को ऋण देना था। लेकिन डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे भी बेच दिया। और आज यह निजी बैंक बन गया है। *
अपनी याददाश्त को कमज़ोर न होने दें कभी।
*डिसइनवेस्टमेन्ट पॉलिसी को भारत में कौन लाया था? ज़रा सर्च कर लो। *
जब नरसिम्हा राव के समय में डॉ. मनमोहन सिंह वित्त मन्त्री थे, तब डॉ. मनमोहन सिंह ने संसद में कहा था, “मैक्सिमम गवर्नमेन्ट, लेस गवर्नेंस।”
उन्होंने कहा था, कि “सरकार का काम व्यवसाय (धंधा) करना नहीं, सरकार का काम गवर्नेंस देना है। ऐसा वातावरण देना है, कि देश के नागरिक यह सब काम कर सकें।”
डॉ. मनमोहन सिंह ने ही सबसे पहले “टोल टैक्स पॉलिसी” लायी थी। यानी “निजी कम्पनियों द्वारा सड़क बनाओ, और उन कम्पनियों को टोल टैक्स वसूलने की अनुमति दो। ”
डॉ. मनमोहन सिंह ने “सबसे पहले एयरपोर्ट के निजी करण” को आरम्भ करवाया था, और सबसे पहला दिल्ली का “इन्दिरा गांधी एयरपोर्ट” को जी.एम.आर ग्रुप को व्यवसायिक स्वरूप से चलाने के लिये दिया गया।
आज चम्पक उछल-उछल कर नाच-नाच कर, बेसुर राग गाता फिर रहा है, “मोदी ने अपने मित्रों को बेच दिया।”
*डॉ. मनमोहन सिंह करें तो – विनिवेश और मोदी करें तो – देश को बेचा।2009-10में डॉ. मनमोहन सिंह ने 5 सरकारी कम्पनियाँ बेची हैं। *
1-HPC Ltd.;
*2-OIL – ऑयल इंडिया लिमिटेड। *
3-NTPC – नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन।
*4-REC – ग्रामीण विद्युतीकरण निगम। *
*5-NMDC – राष्ट्रीय खनिज विकास निगम। *
2010-11में डॉ. मनमोहन सिंह ने 6 सरकारी कम्पनियाँ और बेचीं।*
1-SJVN – सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड।
2-EIL – इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड।
3-CIL – कोल इंडिया लिमिटेड।
4-PGCIL – पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया।
5-MOIL – मैंगनीज ऑर इंडिया लिमिटेड।
6-SCI – शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया।
2011-12में डॉ. मनमोहन सिंह ने 2 सरकारी कम्पनियाँ और बेचीं।
1-PFC – पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन।
2-ONGC – तेल और प्राकृतिक गैस निगम।
2012-13 में डॉ. मनमोहन सिंह ने बेचीं और 8 सरकारी कम्पनियाँ।
1-SAIL – भारतीय इस्पात प्राधिकरण। लिमिटेड।
2-NALCO – नेशनल एल्युमीनियम कम्पनी लिमिटेड।
3-RCF – राष्ट्रीय रसायन और उर्वरक।
4-NTPC – नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन।
5-OIL – ऑयल इंडिया लिमिटेड।
6-NMDC – राष्ट्रीय खनिज विकास निगम।
7-HCL – हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड
8-एनबीसीसी।2013, 2014 में डॉ. मनमोहन सिंह ने 12 और सरकारी कम्पनियाँ बेचीं।
1-NHPC – नेशनल हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन
2-BHEL – भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड।
3-EIL – इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड।
4-NMDC – राष्ट्रीय खनिज विकास निगम।
5-CPSE – सीपीएसई-एक्सचेंज ट्रेडेड फण्ड।
6-PGCI – पावर ग्रिड कॉर्पोफ़ इंडिया लिमिटेड।
7-NFL – राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड।
*8-MMTC – धातु और खनिज व्यापार निगम। *
9-HCL – हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड।
*10-ITDC – भारतीय पर्यटन विकास निगम। *
*11-STC – स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन। *
*12-NLC – नेयवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड। *
इन सभी का प्रमाण भी है
1-वित्त मन्त्रालय, केन्द्र सरकार के द्वारा, “निवेश और सार्वजनिक सम्पत्ति प्रबन्धन” विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जायें
www.dipam.gov.in
*2-सबसे पहले Dis-Investment पर क्लिक करें, इसके बाद Past Dis-Investment पर क्लिक करें। *
*3-पोस्ट में दिये गये सभी जानकारियाँ (डेटा) वहाँ उपलब्ध हैं। *
यह पोस्ट उन नागरिकों की आँखे खोलने के लिये किया है, जो सोचते हैं कि मोदी देश को बेच रहे हैं। मोदी देश को बेच रहे हैं, तो डॉ. मनमोहन सिंह पहले ही देश को बेच चुके हैं। आपकी भाषा में डॉ. मनमोहन सिंह ने 2009-14में 5 वर्षों में 26 सरकारी कम्पनियों को बेचा था ।
देश के इन संम्पतियों के रोचक तथ्य, क्या पीएम मोदी देश को बेच रहे है?
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