समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11अक्टूबर। 26 मई 2021 को साल 2021 का पहला चंद्रग्रहण लगा था। अब साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 19 नवंबर 2021 को शुक्रवार के दिन लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी की छाया सूर्य से आने वाले प्रकाश को अवरुद्ध कर देती है। इससे चंद्रमा पृथ्वी के उपछाया के नीचे आ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप आंशिक या पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है। भारत में यह चंद्र ग्रहण उपछाया ग्रहण के तौर पर दिखाई देगा, जिस कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह चन्द्र ग्रहण मुख्यतः पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पैसिफिक, उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका से दर्शनीय होगा। साल के इस आखिरी चंद्र ग्रहण का राशियों पर भी प्रभाव देखने को मिलेगा. ऐसे में आइए जानते हैं किस राशि पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा।
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण वृषभ और कृतिका नक्षत्र में लगेगा। ऐसे में इस राशि और इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को इस दिन सावधानी बरतने की खास जरूरत है।वृषभ राशि के लोग इस दौरान किसी भी वाद-विवाद में पड़ने से बचें. साछ ही कोई भी कार्य शुरू करने से पहले उसपर अच्छी तरह से सोच-विचार करें. इस दौरान वृषभ राशि के लोग यात्रा करने से भी बचें।
साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का समय
उपच्छाया से पहला स्पर्श – 02:18 पी एम
प्रच्छाया से पहला स्पर्श – 03:15 पी एम
खग्रास प्रारम्भ – 04:43 पी एम
परमग्रास चन्द्र ग्रहण – 04:48 पी एम
खग्रास समाप्त – 04:54 पी एम
प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श – 06:21 पी एम
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श – 07:19 पी एम
खग्रास की अवधि – 00 घण्टे 11 मिनट्स 16 सेकण्ड्स
खण्डग्रास की अवधि – 03 घण्टे 06 मिनट्स 22 सेकण्ड्स
उपच्छाया की अवधि – 05 घण्टे 00 मिनट्स 39 सेकण्ड्स
चन्द्र ग्रहण का परिमाण – 1.01
उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण – 1.95
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