समग्र समाचार सेवा
फरीदाबाद, 11अप्रैल। 200 करोड़ के नगर निगम घोटाला मामले में नगर निगम की अपनी जांच कमेटी ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की थी लेकिन बजाय कमेटी की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज करने के निगम के भ्रष्ट अधिकारियों ने ठेकेदार सतबीर को 22 करोड़ रुपए की पेमेंट कर दी। अब सतबीरा के खिलाफ़ बेहद मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज करके सरकार केवल लीपा पोती कर रही है। यह आरोप लगाया एनआईटी फरीदाबाद के विधायक नीरज शर्मा ने 6 अगस्त 2020 को किसके कहने पर 77057168 रुपए और 74332871 रुपए नगर निगम के खाता संख्या 348010200012315 और 9810010027462590 से भुगतान किए गए। जबकि 9 जुलाई 2020 को इस घोटाले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई थी। कौन अधिकारी थे जिन्हें यह पेमेंट करवाने की जल्दी थी।
उन्होंने कहा कि इन घोटालों के कारण ही आज नगर निगम की स्थिति यह है कि कर्मचारियों को देने के लिए इनके पास पैसा नहीं होता है। महीने में 10 दिन तनख्वाह न मिलने के कारण हड़ताल रहती है जो कर्मचारी यहां रिटायर होते हैं उन्हें बिना पूरा फंड दिए रिटायर कर दिया जाता है। नीरज शर्मा ने कहा कि जो ठेकेदार ईमानदारी से काम कर रहे हैं उन्हें पेमेंट के लिए अदालत के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं। न अभी तक फाइनेंस वाला कोई गिरफ्तार हुआ न कोई बड़ा अधिकारी। मामला भी बेहद हल्की धाराओं में दर्ज किया गया है। श्री शर्मा ने कहा कि शायद भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए सारी प्रक्रिया चल रही है।
200 करोड़ के नगर निगम घोटाले पर फिर गरजे विधायक नीरज शर्मा, उठाए सवाल
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