समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 20जुलाई। उत्तर प्रदेश में तबादलों में गड़बड़ी और मंत्रियों की नाराजगी की खबर मिल रही है. इन सबके बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को नसीहत दी है और कहा है कि अपने निजी स्टाफ या दफ्तर के स्टाफ पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों से साफ-साफ कह दिया है कि अपने निजी और दफ्तर के स्टाफ पर कड़ी नजर भी रखें. कहा जा रहा है कि योगी सरकार में जलशक्ति विभाग के राज्यमंत्री दिनेश खटीक और जितिन प्रसाद कुछ वजहों से नाराज चल रहे हैं.
मंत्रियों से सीएम ने स्पष्ट कहा कि किसी भी फाइलों पर जल्दबाजी में दस्तखत नहीं करें. किसी भी फैसले को लेने से पहले मेरिट को आधार माना जाना चाहिए.
लोक निर्माण विभाग में तबादलों में भ्रष्टाचार और अनियमितता की खबरें मिलने के बाद योगी ने सख्ती दिखाई है. यूपी में डॉक्टरों के तबादलों और लोक निर्माण विभाग में तबादलों में भ्रष्टाचार का पता चला था. इसके बाद योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद के विशेष कार्याधिकारी अनिल पांडेय को हटाया था. उसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग के विभाग अध्यक्ष मनोज गुप्ता, प्रमुख अभियंता नियोजन राकेश सक्सेना और वरिष्ठ स्टाफ ऑफिसर शैलेंद्र यादव निलंबित कर दिया था. अब उन्होंने मंत्रियों को भी सख्त नसीहत दी है.
अफसरों पर कार्रवाई करने के बाद सीएम योगी ने मंत्रियों से कहा है कि वे अपने दफ्तर और निजी स्टाफ पर आंख मूंद कर भरोसा न करें और नजर रखें. मंत्री इस बात पर भी ध्यान दें कि उनका स्टाफ क्या कर रहा है. सीएम योगी ने मीटिंग में साफ कर दिया कि भ्रष्टाचार और अनियमितता की एक भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मंत्री इमानदारी और पारदर्शिता से काम करें.
सीएम योगी ने अपने मंत्रियों को दी नसीहत, बोले- हस्ताक्षर करते समय जरूर ध्यान दें
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