Author: समग्र समाचार सेवा
पूर्व रेलवे ने अमेज़न को सियालदह-दानकुनी ईएमयू में कंसाइनमेंट ले जाने की अनुमति दी भारतीय रेल ने ई.एम.यू सेवाओं में ई-कॉमर्स कंसाइनमेंट की पायलट परियोजना की…
बिहार के विभिन्न जिलों में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बन रहे सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों के प्रोग्रेस को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, निर्माण भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। हर हाल में फरवरी 2020 तक काम पूरा करना होगा।बिहार में श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज मुजफ्फरपुर, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज दरभंगा, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज गया, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज भागलपुर, पीएमसीएच पटना में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने भागलपुर एवं दरभंगा में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों के निर्माण गति का जायजा लिया था। मौके पर जाकर वहां की वस्तु स्थिति से अवगत हुए। वहां का कार्य देखकर उन्होंने निर्माण कार्य करा रही एजेंसियों को फटकार लगाई थी। इस संदर्भ में सोमवार को नई दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेट्री सुनील शर्मा और सभी सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों के निर्माण एजेंसियों के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने सख्त निर्देश दिया। इस समय सीमा के भीतर ही काम पूरा करना होगा। आउटडोर और इंडोर की व्यवस्था पूरी करनी होगी। बिहार में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों का निर्माण कार्य सीपीडब्ल्यूडी और हाइट्स देख रही है। समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा होगी। 15 दिनों पर मंत्रालय स्तर पर प्रतिदिन के प्रोग्रेस रिपोर्ट को लेकर अलग से बैठक का आयोजन किया जाएगा। साथ ही 15 नवंबर के बाद पटना में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्णय लिया गया। ताकि यथाशीघ्र सभी सुविधाएं सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों में मुहैया हो सके। समय पर कार्य नहीं होने पर ग्राउंड पर काम कर रही एजेंसियों को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री चौबे झारखंड के देवघर में बन रहे एम्स के प्रोग्रेस से अवगत हुए। एम्स का निर्माण एनबीसीसी करा रही है। इसके वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक की। बिहार में दूसरे एम्स से संबंधित जानकारी अधिकारियों से ली।
भारत में अनेक जीवंत भाषाएं हैं: उपराष्ट्रपति दिल्ली तमिल स्टुडेंट्स एसोसिएशन के छात्रों को संबोधित किया उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने भारतीय दृष्टिकोण और भारतीय मूल्यों…
दो स्थानों पर 14 फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी पुरानी क्लासिक फिल्मों- पड़ोसन और चलती का नाम गाड़ी- का भी प्रदर्शन किया जायेगा 50वें भारत-अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव…
फ्रैंकफर्ट अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के इंडिया पवेलियन में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। आज दांडी यात्रा के जरिये महात्मा…
प्रधानमंत्री ने फिल्म और मनोरंजन उद्योग के प्रतिनिधियों से मुलाकात की प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिए फिल्म बिरादरी को प्रोत्साहित…
1. मैं फिलीपींस की यात्रा से बहुत प्रसन्न हूं। आपके देश और यहां के लोगों के साथ हमारे संबंध न केवल विशेष हैं, बल्कि हमारे दिलों…
इस पुरस्कार को ‘इंडियन बार’ के ‘पितामह’ की एक उपयुक्त मान्यता बताया उपराष्ट्रपति ने बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को एक सामाजिक बुराई बताया और…
देश की Social और Business Leadership को हमेशा प्रेरित और ऊर्जावान करने वाले रतन टाटा जी, उनकी इस विरासत को आगे बढ़ाने वाले एन चंद्रशेखरन जी, रूपा जी, देवियों और सज्जनों !! रतन टाटा जी, चंद्रशेखरन जी से मिलना,उनके साथ चर्चा करना हमेशा एक नया अनुभव देता है। इन पर देश की सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक को लीडरशिप देने की जिम्मेदारी है। इतनी बड़ी जिम्मेदारी के बावजूद, Smile और Stress Free, ये कैसे रहते हैं, मुझे लगता है, आने वाले समय में इस पर भी एक किताब चंद्रशेखरन जी को लिखनी चाहिए। और हां, इस Idea का मेरा कोई पेटेंट भी नहीं है। आप बिना किसी Stress के ये काम कर सकते हैं !!! साथियों, वो किताब लिखेंगे या नहीं, ये मैं नहीं कह सकता लेकिन Smile और Stress free Mind से क्या होता है, उसका परिणाम Bridgital Nation के रूप में हमारे सामने है। Positivity, Creativity और Constructive Mindset से देश की समस्याओं के समाधान के लिए सोच निकल सकती है, उसका ये परिणाम है। यही Positivity,यही Optimism अपने Talent और Resources पर यही विश्वास नए भारत की सोच है। मुझे विश्वास है कि ये किताब Aspirational India को तो Inspire करेगी ही, समाज के कुछ Professional Pessimists को भी नई अप्रोच और नए Outlook के लिए प्रोत्साहित करेगी। मैं चंद्रशेखरन जी और रूपा जी को इस विजनरी डॉक्युमेंट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथियों ये किताब ऐसे समय में आई है, जब Technology को Demonize करने की एक बहुत बड़ी कोशिश हो रही है। डर का एक माहौल खड़ा करने का प्रयास हो रहा है। विशेषतौर पर भारत के Context में Technology को हमारे Demographic Dividend के लिए चुनौती के रूप में पेश करने की कोशिश हो रही है। इस किताब में सरकार के उस विजन को और मजबूत किया है, जिसके मुताबिक Technology जोड़ने का काम करती है, तोड़ने का नहीं। Technology एक Bridge है,…
उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक‘ और मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज ग्राम सुमाड़ी पौड़ी गढ़वाल स्थित राष्ट्रीय…