Author: Smgrabharat

गुवाहाटी, 25 अप्रैल — असम की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब AIUDF के धिंग से विधायक अमीनुल इस्लाम को 24 अप्रैल की शाम को…

नई दिल्ली — राजधानी के केंद्र में आज एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भरपूर क्षण देखने को मिला, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने…

इस्लामाबाद/नई दिल्ली — भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में एक बार फिर आग लग चुकी है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत द्वारा…

मधुबनी, बिहार — चुनावी माहौल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मधुबनी की धरती से आतंक के खिलाफ जंग का ऐलान करते हुए बेहद तीखे और…

नई दिल्ली,24 अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए दु:खद आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा से जुड़े अहम निर्णयों और राजनीतिक एकजुटता के संकेत…

जयपुर, 24 अप्रैल 2025 – राजस्थान की गहलोत सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री रहे डॉ. महेश जोशी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जल जीवन मिशन…

नई दिल्ली,24अप्रैल 2025 : रूस की समाचार एजेंसी स्पुतनिक की रिपोर्ट के हवाले से मोसाद (इज़राइली खुफिया सेवा) के कथित गुप्त अभियान “ऑपरेशन ज़ेपेलिन” ने भारत की जीडीपी और राजनीतिक स्थिरता को भंग करने के उद्देश्य से विदेशों से समर्थन प्राप्त षड़यंत्र उजागर किया है। इस अभियान में, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, उनके सलाहकार एवं भारतीय ओवरसीज़ कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पिटरोडा, वैश्विक निवेशक जॉर्ज सोरोस और अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिन्डेनबर्ग रिसर्च को मुख्य घटक बताया गया है।24 जनवरी 2023 को न्यूयॉर्क आधारित हिन्डेनबर्ग रिसर्च ने दावा किया कि अडानी समूह ने “भारत के इतिहास की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट धोखाधड़ी” की योजना बनाई थी। रिपोर्ट प्रकाशित होते ही अडानी समूह का बाजार पूंजीकरण लगभग 150 अरब अमेरिकी डॉलर घट गया और भारतीय शेयर बाजार में अचानक गिरावट आई। इस वित्तीय झटके के ठीक पहले, अडानी पोर्ट्स एवं स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने इज़राइल के हैफ़ा पोर्ट में 1.2 अरब डॉलर का शेयर खरीद सौदा पक्का किया था। यह सौदा भारत–मध्य पूर्व–यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEEC) के लिए अहम माना जा रहा था। नेतन्याहू का संदेह और मोसाद का दायित्व:रिपोर्ट के अनुसार, हैफ़ा पोर्ट समझौते के जश्न के बाद इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गौतम अडानी से बैठक में कहा,  “यह हिन्डेनबर्ग रिपोर्ट हमारे…

नई दिल्ली, 24 अप्रैल | भारत सरकार ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वह अपनी डिजिटल सीमाओं की रक्षा के लिए कोई समझौता नहीं…

पूनम शर्मा द्वारा आज रविश कुमार का  अनर्गल प्रलाप सुना जिसमें भारत सरकार की आलोचना करते हुए वह कह रहे थे कि पर्यटकों के लिए एडवाइज़री…