Saturday, September 19

विचार

मगर मुख्य प्रश्न यह उठता है कि गोआ का फ़िल्म फ़ेस्टीवल तो सरकारी होता है। उसमें ज्यूरी के सदस्य एवं अध्यक्ष चुनने का काम भी सरकारी तंत्र ही करता है। फिर यह निर्णय किस ने लिया कि नदाव लैपिड को ज़्यूरी के अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया जाए। क्या सरकारी अधिकारियों ने नदाव लैपिड की विचारधारा की जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की थी?

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा : जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के क्लर्क ने बिल्डर को मुफ्त में फ्लैट देने की लिए किया मजबूर 

कुख्यात लारेंस बिश्नोई गिरोह को बंदूकें सप्लाई करने वाले हथियारों के एक सौदागर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार कर लिया है.

जेएनयू में ब्राह्मण – बनिया विरोधी नारों के विरोध में कल मुनिरका मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1से जेएनयू तक एक शांति मार्च का आयोजन किया गया था। (जो कि हमारे मौलिक अधिकारों की श्रेणी में आता है) जिसमें दिल्ली एनसीआर के सनातनी भाइयों और बहनों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया किंतु, हमें जेएनयू में प्रवेश नहीं करने दिया गया।

फिल्म जगत में अनेक गीतकार हुए हैं। कुछ ने दुःख और दर्द को अपने गीतों में उतारा, तो कुछ ने मस्ती और शृंगार को।

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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने समग्र भारत का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.

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