Saturday, September 19

विचार

एक बार एक गांव में एक सज्जन पुरूष रहते थे, वे बहुत ही दयालू तथा हृदय ग्राही थे, किसी को भी कभी अपशब्द नहीं कहते थे। जो भी उनके घर आता वे अच्छे से उसका आथित्य सत्कार करते। लोग उनसे सलाह मशविरा लेने आया जाया करते थे।

जहां भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं इस ‘अमृत काल’ में देश चारों ओर विकास की समृद्ध राह पर चल रहा है। देश के किसान जो देश की अर्थव्यवस्था के कान हैं, उन्हें भी इस विकास यात्रा का साक्षी बनना चाहिए, मुख्यधारा बनना चाहिए।

Categories
Economy News
Top Trending
Advertisement
Demo

About us

समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने समग्र भारत का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.

© 2026 Samagra Bharat News website. All Rights Reserved.