Saturday, September 19

अध्यात्म

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। गृह मंत्री ने नई…

Read More

साधारण से लगने वाले भगवान श्रीकृष्ण के नामों के इस मन्त्र में अपार शक्ति है । जानें, श्रीकृष्ण के इस मन्त्र का क्या है भावार्थ और इसके द्वारा भगवान से क्या प्रार्थना की जाती है ?

प्रत्येक कहानियाँ मात्र कहानियाँ नहीं होतीं! कुछ कहानियाँ, कहानियों के अतिरिक्त भी, कुछ और भी होती हैं और रेवती नक्षत्र की कथा आर्ष भारतीय ज्योतिष की एक महान तथा विशिष्ट घटना को अभिव्यक्त करने वाला रूपक है।

मेष– महत्वपूर्ण कार्यां में सक्रियता दिखाएंगे. सुलह सामंजस्य से आगे बढ़ेंगे. करियर व्यापार में सफलता प्रतिशत बेहतर बना रहेगा. प्रियजनों से शुभ समाचार प्राप्त होंगे. अनुकूलन और उत्साह बना रहेगा. प्रबंधन पर ध्यान देंगे. स्मार्ट वर्किंग बढ़ाएंगे. बड़ों की सलाह बनाए रखें. व्यवस्थित व अनुशासित रहेंगे. परीक्षा प्रतिस्पर्धा में आगे रहेंगे. भेंटवार्ता में स्पष्ट रहेंगे. आर्थिक लाभ संवरेगा. सहनशीलता विनम्रता रखेंगे . लाभ संवरेंगे. मित्रों का साथ पाएंगे. मनोरंजन के मौके बनेंगे.

हर साल भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है. जो कि सुहगिन महिलाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण है. महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत करती हैं. इतना ही नहीं, इस दिन कुंवारी कन्याएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से व्रत करती हैं.

वेदों में वाण, वीणा और कर्करि इत्यादि तंतु वाद्यों का उल्लेख मिलता है। अवनद्ध वाद्यों में दुदुंभि, गर्गर इत्यादि का, घनवाद्यों में आघाट या आघाटि और सुषिर वाद्यों में बाकुर, नाडी, तूणव, शंख इत्यादि का उल्लेख है। यजुर्वेद में 30वें कांड के 19वें और 20वें मंत्र में कई वाद्य बजानेवालों का उल्लेख है जिससे प्रतीत होता है कि उस समय तक कई प्रकार के वाद्यवादन का व्यवसाय हो चला था।

Categories
Economy News
Top Trending
Advertisement
Demo

About us

समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने समग्र भारत का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.

© 2026 Samagra Bharat News website. All Rights Reserved.