Friday, September 18

वास्तु

पंचांग में सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, ब्रम्‍ह मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, विजय महूर्त, गोधूलि मुहूर्त, अमृतकाल, निशिता मूहूर्त जैसे शुभ योग पर विचार करके सभी महत्‍वपूर्ण कार्य करने का समय सुनिश्‍च‍ित किया जाना चाहिए.

हिंदू धर्म में फुलेरा दूज का विशेष महत्व माना गया है और इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है. क्योंकि इस दिन कोई भी मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त देखे भी कर सकते हैं.

हिंदू धर्म में फुलेरा दूज का विशेष महत्व है और इस दिन से ही रंगों के त्योहार होली की शुरुआत हो जाती है. फुलेरा दूज हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन मनाया जाता है.

सृष्टि में असीम आनंद का वातावरण हैं. वसंत की उत्फुल्लता चहुं ओर दृष्टिगोचर हो रही हैं. ऋतुओं के संधिकाल का यह महापर्व अपने पूरे यौवन पर हैं.

हिंदू धर्म में शिवरात्रि का व्रत बेहद ही महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है. ऐसे में इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और उनसे सुखी जीवन के लिए प्रार्थना की जाती है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार दिशों का मनुष्य के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है और इसलिए किसी भी सामान को रखने के लिए एक दिशा निश्चित की गई है.

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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने समग्र भारत का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.

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