Saturday, September 19

जीवन शैली

छह प्रतिष्ठानों पर निलंबन सार्वजनिक भोज की सूचना देना जरूरी एफडीए ने जारी की चेतावनी खाद्य सुरक्षा की दिशा में कड़ा कदम स्मग्र समाचार…

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एक बार एक राजा अपने सहचरों के साथ क्रीड़ा करने जंगल में गया था।वहाँ किसी कारण से एक दूसरे से बिछड गये और एक दूसरे को खोजते हुये राजा एक नेत्रहीन संत की कुटिया में पहुँचकर अपने विछडे हुये साथियों के बारे में पूंछा।नेत्रहीन संत ने कहा महाराज सबसे पहले आपके सिपाही गये हैं,बाद में आपके मंत्री गये,अब आप स्वयं पधारे हैं।इसी रास्ते से आप आगे जायें तो मुलाकात हो जायेगी।

झेन फकीर कहते हैं कि गुजरना नदी से, लेकिन ध्यान रखना, पानी तुम्हें छूने न पाये। वे इसी बात की खबर दे रहे हैं कि अगर तुम्हें समझ आ जाये साक्षी की, तो तुम गुजर जाओगे नदी से। पानी शरीर को छुएगा, तुम्हें नहीं छू सकेगा। तुम साक्षी ही बने रहोगे।

बाजार में औषधि‍ के रूप में मिलने वाले ईसबगोल का उपयोग आपने कभी किया हो या न किया हो। लेकिन इसके गुणों को जानना आपके लिए बेहद फायदे का सौदा साबित हो सकता है। यदि‍ आप सोच रहे हैं कि वह कैसे, तो जरूर पढ़ें नीचे दिए गए ईसबगोल के उपाय –

देशी औषधियों में जायफल काफी प्रसिद्ध है। यह गोलाकार, अण्डाकार और चिकना पीत वर्ण का होता है। यह जितने बड़े आकार का होता है, उतना अच्छा माना जाता है। यह भारत के हर गांव, शहर के पंसारी की दुकान पर मिल जाता है। इसके छिलके को ही जावित्री कहते हैं। जायफल का तेल अत्यन्त उत्तेजक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को तमिलनाडु के डिंडीगुल में गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान के 36वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दीक्षांत समारोह में 2018-19 और 2019-20 बैच के 2300 से अधिक छात्रों ने डिग्री प्राप्त की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने विजेताओं को स्वर्ण पदक और योग्य उम्मीदवारों को मानद पुरस्कार प्रदान किए।

वर्तमान समय में देश में तमाम रोगों के कारण लोगों के खान- पान में काफी बदलाव हुआ है जिसके कारण अकसर कई लोगों को पेट दर्द, भारीपन और कब्ज जैसी समस्याएं होती जा रही है।

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