Friday, September 18

साहित्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान बांग्ला लेखक शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती पर उन्हें शत-शत नमन किया है। पीएम मोदी ने उनके उपन्यासों को…

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*संतों की एक सभा चल रही थी…

किसी ने एक दिन एक घड़े में गंगाजल भरकर वहां रखवा दिया ताकि संत जन जब प्यास लगे तो गंगाजल पी सकें…

संतों की उस सभा के बाहर एक व्यक्ति खड़ा था. उसने गंगाजल से भरे घड़े को देखा तो उसे तरह-तरह के विचार आने लगे…

वह सोचने लगा- अहा ! यह घड़ा कितना भाग्यशाली है…???

विश्वामित्र का महर्षि वशिष्ठ से झगड़ा था। विश्वामित्र बहुत विद्वान थे। बहुत तप उन्होंने किया। पहले महाराजा थे, फिर साधु हो गये। वशिष्ठ सदा उनको राजर्षि कहते थे।

एक अंग्रेज भारत आया और एक गुरुकुल में भ्रमण करने चला गया।

जैसे उनकी आदत है, अपनी हर बात को सर्वश्रेष्ठ बताने की, और दूसरे को निम्न समझने की……..

एक राजा था जिसने ने अपने राज्य में क्रूरता से बहुत सी दौलत इकट्ठा करके( एक तरह का शाही खजाना ) आबादी से बाहर जंगल में एक सुनसान जगह पर बनाए तहखाने में सारे खजाने को खुफिया तौर पर छुपा दिया था ।खजाने की सिर्फ दो चाबियां थी एक चाबी राजा के पास और एक उसके एक खास मंत्री के पास थी।

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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने समग्र भारत का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.

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