समाज/संस्कृति

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है और जब यह व्रत बुधवार के दिन पड़ता है तो इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है. यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है. इस दिन यदि विधि—विधान के साथ उनका पूजन किया जाए तो सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने अंतर्धार्मिक विवाहों के चलते धर्मांतरण को नियंत्रित करने वाले राज्यों के विवादित कानूनों के खिलाफ विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों की स्थिति पर सोमवार को जानकारी मांगी और कहा कि अगर ये सभी समान प्रकृति के हैं तो उन्हें शीर्ष अदालत में स्थानांतरित किया जा सकता है.

नए साल 2023 की शुरुआत हो गई है और जनवरी के पहले महीने में बहुत सारे व्रत-त्योहार पड़ने वाले हैं. सबसे खास बात है कि इस माह कई ऐसे त्योहार आते हैं जिनका लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं. इसमें लोहड़ी, मकर संक्रांति और पोंगल समेत कई ऐसे त्योहार हैं जो कि बेहद श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाए जाते हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आधुनिक भारतीय इतिहास पर शोध का दायरा बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित किया और देश भर के अकादमिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों से समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती के साथ ही उनके द्वारा स्थापित आर्य समाज के योगदान पर शोधपरक कार्य करने का आह्वान किया.

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय (एनएमएमएल) की वार्षिक आम बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने शोध और युवाओं में बौद्धिकता को प्रोत्साहित करने तथा इतिहास को अधिक रुचिकर बनाने पर जोर दिया।

आज पौष माह, शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है और दिन मंगलवार है. आज के पंचांग में आप शुभ मुहूर्त अशुभ मुहूर्त जान सकते हैं. आज त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग शुभ योग हैं ,जबकि अशुभ विडाल योग भी है.

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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.

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