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प्रस्तुति —सरोज कुमारी 1. सती-अग्नि में जल कर भी जीवित होने वाली 2. साध्वी-आशावादी 3. भवप्रीता-भगवान शिव पर प्रीति रखने वाली 4. भवानी-ब्रह्मांड में निवास करने…
पंचांग’ भारतीयों द्वारा माना जाने वाला वैज्ञानिक कैलेंडर है।
पंचांग (पंच + अंग = पांच अंग)
पञ्चाङ्ग
भारत में ५ प्रकार से दिन लिखते हैं।
अतः यहां की काल गणना को पञ्चाङ्ग (५ अंग) कहते हैं।
खजुराहो परिसर में मौजूद 25 मंदिरों के अवशेष हजारों वर्ष पुराने हैं। मंदिर हमें प्राचीन भारत के बारे में उस युग के किसी भी अन्य खंडहरों की तुलना में कहीं अधिक गहरी बातें बताते हैं। लेकिन यह सब उत्तर भारत में सदियों पहले बने ऐसे अद्भुत निर्माणों का अवशेष है।
*- ब्राह्म काल , उषःकाल और प्रातःकाल शब्द अपने विशिष्ट लक्षण से युक्त पहचान वाले होते हैं। शास्त्रों में
इनका प्रयोग सावधानी पूर्वक प्रयुक्त हुआ है।ब्राह्म काल तीन घण्टे का होता है–