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आज पौष माह, शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और दिन गुरुवार है. आज के पंचांग में आप शुभ मुहूर्त अशुभ मुहूर्त जान सकते हैं. आज भद्रा, पञ्चक, आडल योग और गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती है.
महाराष्ट्र विधानसभा ने आज लोकायुक्त विधेयक पारित कर दिया है। मुख्यमंत्री, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को इसके दायरे में लाया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज तेलंगाना के भद्राद्रि कोठागुडम और मुलुगू जिलों का दौरा करेंगी। बोल्लाराम में दक्षिण भारत के प्रवास पर गईं राष्ट्रपति आज भद्राचलम के श्री सीतारामास्वामी मंदिर और मुलुगू के विश्व प्रसिद्ध रमप्पा मंदिर जाएंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नयी दिल्ली में मुलाकात करेंगे।
चीन समेत अन्य देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। इसके मद्दनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय यात्रा से 72 घंटे पहले की गई आरटी-पीसीआर जांच की जानकारी भरने से जुड़े एयर सुविधा फॉर्म को फिर से अनिवार्य करने की तैयारी कर रहा है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज यानि 23 दिसंबर को पौष माह की अमावस्या है जो कि साल 2023 की आखिरी अमावस्या है और इसे पौष अमावस्या कहा जाता है. कुछ जगहों पर इसे छोटा श्राद्ध भी कहा जाता है और हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है. इस दिन स्नान और दान किया जाता है.
दुनिया के कई देशों में कोरोना एक बार फिर तेजी से पैर पसार रहा है. अमेरिका, जापान, चीन, कोरिया और ब्राजील में बढ़ते कोविड केसों को देखते हुए केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है.
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू ने कहा है कि उनकी सरकार चौबीस घंटे हर तरह की सेवायें पहुंचाने के लिये कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेगी।
हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है और हर माह दो एकादशी के व्रत आते हैं. इस प्रकार साल में कुछ 24 एकादशियां आती हैं और प्रत्येक एकादशी अपना एक विशेष महत्व रखती है. हिंदू पंचांग के अनुसार आज यानि 19 दिसंबर को पौष माह यानि पूस की एकादशी है जिसे सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है.
एक महीने तक चले काशी तमिल संगमम का शुक्रवार को भव्य आयोजन के साथ समापन हो गया। एम्फीथिएटर बीएचयू के मुक्ताकाशी प्रांगण में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में श्री अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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