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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दृढ़ता से आतंकवाद से निपटने में संशय की किसी भी स्थिति से बचने को कहा है और उन देशों को भी चेतावनी दी है जो आतंकवाद का विदेश नीति के एक साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। प्रधानमंत्री आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण पर आज नई दिल्ली में तीसरे ‘नो मनी फॉर टेरर’ (एनएमएफटी) मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
भारत सरकार का गृह मंत्रालय 18 और 19 नवंबर को नई दिल्ली में तीसरे मंत्रिस्तरीय ‘नो मनी फॉर टेरर’ सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित आतंकवाद विरोधी समिति के दूसरे दिन भारत और ब्रिटेन ने हाथ मिलाया है और आतंकवाद को वैश्विक समस्या और पूरी दुनिया को इससे बड़ा खतरा बताते हुए साथ मिलकर इसका सफाया करने की बात कही है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में 90वीं इंटरपोल महासभा का उद्घाटन किया। यह सम्मेलन 21 अक्तूबर तक चलेगा।
विदेश में बैठे किसी अपराधी या आतंकवादी के खिलाफ इंटरपोल द्वारा रेड कार्नर नोटिस जारी करने की खबरें अक्सर आती रहती हैं।
जिससे यह लगता है कि रेड नोटिस जारी हो गया, तो अब वह अपराधी निश्चित तौर पर गिरफ्तार हो ही जाएगा। लेकिन यह बात पूरी तरह सत्य नहीं है। इंटरपोल किसी देश को उस अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है।
विदेश मंत्री डॉ.एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत सीमा पार से आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति पर अटल है। कल रात न्यूयॉर्क में संयुक्तराष्ट्र महासभा के 77वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दशकों से सीमा पार से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। उन्होंने कहा कि कारण चाहे कोई भी हो, आतंकवाद की किसी भी गतिविधि का कोई औचित्य नहीं है।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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