Browsing: आत्मनिर्भर भारत
अनिल अंबानी की डिफेंस डील से पाकिस्तान में खलबली, जर्मन साझेदारी से भारत बनेगा गोला-बारूद महाशक्ति
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली 23 मई :भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस ने जर्मनी की…
मोदी का मेगा मिशन! गुजरात के दाहोद में 9,000 HP इलेक्ट्रिक इंजन का उद्घाटन, 10 साल में बनेंगे 1,200 इंजन
समग्र समाचार सेवा गांधीनगर, 21 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 और 27 मई को गुजरात के दौरे पर रहेंगे, जहाँ वह दाहोद रेलवे फैक्ट्री में भारत…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली 14 मई : भारत ने एक बार फिर स्वदेशी रक्षा तकनीक में बड़ी छलांग लगाई है। नागपुर स्थित सोलर डिफेंस एंड…
डॉ ममता पांडेय “मैं अपने लिए नहीं अपनों के लिए हूं “ध्येय वाक्य* के प्रणेता का जन्मदिन भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट में राष्ट्रीय स्तर के…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 3 मार्च । रक्षा मंत्रालय के तहत सैन्य मामलों के लिए कार्यरत विभाग देश में आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली,12 जनवरी। केंद्रीय रसायन और उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज वर्चुअल माध्यम से असम के…
पिछले 9 वर्षों में देखी गई बदलाव की लहर आत्मनिर्भर भारत के आत्मविश्वास की नई पहचान है : प्रधानमंत्री
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 7 दिसंबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वीकार किया है कि पिछले 9 वर्षों में देखी गई परिवर्तन की लहर को केवल…
केंद्र सरकार की नवोन्मेषी रोजगार प्रोत्साहन योजना, आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना ने अपने प्रारंभिक रोजगार सृजन लक्ष्यों को पार कर लिया है, जो कि कोविड-19 महामारी के दौरान रोजगार सृजन में अपनी सफलता को दर्शाता है।
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार ने नई दिल्ली में रक्षा बंधन के उपलक्ष्य में ‘खादी रक्षासूत’ की शुरुआत की। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तत्वावधान में यह ‘खादी रक्षासूत’ (खादी-राखी) की शुरुआत की गई।
जहाजरानी अमृत काल के दौरान आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करने के लिए नए मार्ग खोलेगी : सर्बानंद सोनोवाल
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय एवं आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 60वें राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर समुद्री जागरुकता वॉकथॉंन को झंडी दिखाई।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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