Browsing: एकता और शांति

नायडु ने कहा, “हमारे पुरखों ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जो धर्म, जाति, नस्ल, लिंग या जन्म स्थल के आधार पर भेदभाव ना करता हो। ऐसे समावेशी और बहुलतावादी मूल्य ही भारत को तमाम देशों से अलग बनाते हैं। तमाम विषम परिस्थितियों में भी इन मूल्यों को सुरक्षित रखने और इनका पालन करने की शपथ लें।”