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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 22नवंबर। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का 54वां संस्करण मंगलवार को गोवा के पणजी में ब्रिटिश फिल्म निर्माता स्टुअर्ट गैट की ‘कैचिंग…

यह एक मनोवैज्ञानिक सत्य है कि जैसा भाव हमारे मन मेे होता है वैसा ही भाव सामने वाले के मन में आता है। इस सबंध में एक ऐतिहासिक घटना सुनी जाती है जो इस प्रकार है-

बाज पक्षी जिसे हम ईगल या शाहीन भी कहते है। जिस उम्र में बाकी परिंदों के बच्चे चिचियाना सीखते है उस उम्र में एक मादा बाज अपने चूजे को पंजे में दबोच कर सबसे ऊंचा उड़ जाती है।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल मुरूगन ने कान्स फिल्म महोत्सव में भारत पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर फ्रांस में भारत के राजदूत जावेद अशरफ, सूचना और प्रसारण मंत्रालय में संयुक्त सचिव पृथुल कुमार व भारतीय फिल्म उद्योग के प्रमुख चेहरे उपस्थित थे।

एक सेठ जी थे, जो दिन-रात अपना काम-धँधा बढ़ाने में लगे रहते थे। अपने शरीर का कोई ध्यान ही नहीं था, रोज की आपाधापी में कई बिमारियों से घीर गये थे, लेकिन उन्हें तो बस, शहर का सबसे अमीर आदमी बनना था। धीरे-धीरे पर आखिर वे नगर के सबसे धनी सेठ बन ही गए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 21 फरवरी, 2023 को यूके के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर डिफेन्स बेन वालेस के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।

विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री, श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने आज सेंट्रल विस्टा, इंडिया गेट पर कथाकार के 15वें संस्करण और वंदे भारतम के दिल्ली राज्य स्तरीय फाइनल की शोभा बढ़ाई।

आयुष्मान फिल्म के निर्देशक जैकब वर्गीज़ ने कहा, “आयुष्मान ग्रामीण भारत के वंचित वर्ग वाले 14 वर्ष के दो ऐसे बालकों की कहानी है, जो एचआईवी पॉजीटिव हैं। वे एचआईवी मरीजों के साथ बरते जाने वाले भेदभाव और सामाजिक कलंक का सामना करते हुये मैराथन दौड़ों में हिस्सा लेते हैं तथा मरीजों के मन में सकारात्मक बदलाव व उम्मीद जगाते हैं।”

‘सिया’ एक असरदार फिल्म है जो हमारी सामाजिक न्याय प्रणाली को प्रतिबिंबित करती है। ये उन लोगों के मानवीय पक्ष को चित्रित करने का प्रयास है जिनके साथ अन्याय हुआ है। ये बातें कहीं फिल्म ‘सिया’ के निर्देशक मनीष मूंदड़ा ने, जो कि इंसाफ के लिए एक ख़राब पितृसत्तात्मक व्यवस्था से लड़ने वाली एक लड़की की दिल दहला देने वाली कहानी है।