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केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा को बताया कि अब तक पिछले एक वर्ष (जनवरी 2022-दिसम्बर 2022) में बायोटेक किसान योजना के तहत 1,60,000 किसान लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

हरियाणा के गुरुग्राम विश्वविद्यालय में 15-16 मार्च 2023 तक “साइंस कॉन्क्लेव एंड एग्रो-टेक एक्सपो 2023” का आयोजन किया गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार की नीतियों के कारण चीनी उद्योग में आत्मनिर्भरता पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने देश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए वेयर हाऊसेस, कोल्ड स्टोरेज जैसी ढांचागत सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा है……

रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी का द्वितीय दीक्षांत समारोह आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में हुआ।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) व इसके तहत आने वाले संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों व उद्योगों का सम्मेलन दिल्ली में आयोजित किया गया।

20 फरवरी 2023 तक कुल 702 एलएमटी से अधिक धान की खरीद के साथ केएमएस 2022-23 (खरीफ फसल) के लिए धान की खरीद सुचारू रूप से चल रही है। किसानों के खाते में 1,45,845 करोड़ रुपये के सीधे भुगतान के साथ वर्तमान में चल रहे केएमएस खरीद कार्यों से कुल 96 लाख से अधिक किसान पहले से ही लाभान्वित हो चुके हैं।

निरस्त किए जा चुके तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए तीन साल पहले गठित लगभग 40 किसान यूनियनों के संयुक्त किसान मोर्चा ने 20 मार्च से लंबित मांगों के लिए अपना आंदोलन फिर से शुरू करने का फैसला किया है।

आगामी 9 दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान कांग्रेस का आक्रोश प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा । इस प्रदर्शन में हज़ारों की संख्या में किसान एकत्रित होकर सरकार की किसान विरोधी नीतियों का पुरज़ोर विरोध दर्ज करायेंगे।

पीएम किसान योजना भूमि धारक किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की एक मुख्य योजना है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से किसान परिवारों के बैंक खातों में प्रति वर्ष 6000 रुपये का वित्तीय लाभ हस्तांतरित किया जाता है। उच्च आर्थिक स्थिति की कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा गया है।