बांग्लादेश -मानवतावाद या चयनात्मक संवेदना? एक असहज सवालBy SmgrabharatJanuary 7, 2026 पूनम शर्मा आज के दौर में “विश्व मानवतावाद”, “सर्वधर्म समभाव” और “वैश्विक नैतिक नेतृत्व” जैसे शब्द जितनी आसानी से बोले जाते हैं, उतनी ही आसानी से…