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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 26मई।भारत की राष्ट्रपतिद्रौपदी मुर्मु ने 25 मई गुरूवार झारखंड के खूंटी में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित एक महिला सम्मेलन…
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने अनुसूचित जाति के लाभ के लिए मणिपुर में मंत्रालय की नई केंद्रीय क्षेत्र योजना “उत्तर पूर्वी क्षेत्र (पीटीपी-एनईआर) के जनजातीय उत्पादों के प्रचार के लिए विपणन और लॉजिस्टिक्स विकास” का शुभारंभ किया।
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने अनुसूचित क्षेत्रों के जिलाधिकारियों और परियोजना अधिकारियों (आईटीडीए) के लिए नई दिल्ली में सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट में सुशासन पर एक कार्यशाला के आयोजन का प्रस्ताव किया है।
रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर जनजातीय कार्य मंत्रालय अमृत महोत्सव के विशेष अवसर पर ‘मिलेट्री-टैटू’ और जनजातीय नृत्य उत्सव ‘आदि शौर्य – पर्व पराक्रम का’ का आयोजन कर रहा है।
गणतंत्र दिवस समारोह 2023 के हिस्से के रूप में और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 126वीं जयंती (जिसे पराक्रम दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है) को मनाने के लिए सशस्त्र बलों द्वारा संगीतमय प्रस्तुति तथा जनजातीय नृत्य महोत्सव ‘आदि शौर्य – पर्व पराक्रम का’ नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 23 एवं 24 जनवरी, 2023 को आयोजित किया जाएगा।
जनजातीय छात्रों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा सोसायटी (एनईटीएस), लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन (एलएलएफ) के सहयोग से अमेज़न फ्यूचर इंजीनियर प्रोग्राम (सीएसआर प्रोग्राम) को लागू करने के लिए ईएमआरएस शिक्षकों के लिए दो दिवसीय फेस-टू-फेस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।
केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में जनजातीय लोगों के सशक्तिकरण पर मीडिया को संबोधित किया।
“धाबरी कुरुवी” एक ऐसी आदिवासी लड़की की प्रचंड यात्रा को दिखाती है, जो रूढ़िवाद से लड़ती हैं और खुद को उन जंजीरों से मुक्त करना चाहती हैं, जिनसे समाज व समुदाय ने उसके जैसे दूसरों को जकड़ रखा है। यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली फिल्म है, जिसमें केवल जनजातीय समुदाय से संबंधित कलाकारों ने अभिनय किया है।
मध्य प्रदेश ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 15 नवम्बर, 2022 को अपने पेसा नियमों को अधिसूचित किया है। मध्य प्रदेश के शहडोल में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने पंचायतों के पहले (अनुसूचित क्षेत्रों के विस्तार) कानून (पेसा कानून) की पहली प्रति की नियमावली भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को सौंपी।
जनजातीय गौरव दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 15 नवंबर को झारखंड के उलिहातु गांव का दौरा किया और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।