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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एक अधीनस्थ कार्यालय राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, नई दिल्ली और मैसूरु, भोपाल, भुवनेश्वर और सवाई माधोपुर स्थित इसके क्षेत्रीय संग्रहालयों ने चीता को भारत वापस लाना- राष्ट्र की प्राकृतिक विरासत बहाल करने पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। .
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय (एनएमएनएच) की एक क्षेत्रीय शाखा; प्राकृतिक इतिहास क्षेत्रीय संग्रहालय (आरएमएनएच), मैसूर, ने #SaveEnergy #LifestyleforEnvironment- मिशन लाइफ, हरित संवाद और हरित संकल्प पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आधुनिक भारतीय इतिहास पर शोध का दायरा बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित किया और देश भर के अकादमिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों से समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती के साथ ही उनके द्वारा स्थापित आर्य समाज के योगदान पर शोधपरक कार्य करने का आह्वान किया.
टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) ने व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में 9-14 वर्ष की किशोरियों के लिए वन टाइम कैच-अप के साथ एचपीवी वैक्सीन की शुरुआत करने की सिफारिश की है, जिसके बाद 9 साल में नियमित रुप से टीकाकरण किया जाता है। मुख्य रूप से स्कूलों (ग्रेड आधारित दृष्टिकोण: 5वीं-10वीं) के माध्यम से टीकाकरण किया जाएगा।
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 28जून। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपी और पीडब्ल्यू) ने आज पुडुचेरी में पेंशनभोगी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। महामारी के बाद…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 11जुलाई। विश्व जनसंख्या दिवस हर वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाने वाला कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य जनसंख्या सम्बंधित समस्याओं पर वैश्विक…
सेवा समाचार सेवा , रायपुर, 24 मई। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय छिन्दवाड़ा द्वारा कोरोना महामारी से बचाव में टीकाकरण की विशिष्ट…
समग्र समाचार सेवा पटना, 10 मई। वैश्विक महामारी कोरोना की जंग में लोगों को सकारात्मक बनाने के लिये ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) जागरूकता अभियान चलायेगी। जीकेसी…
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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