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कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की कृषि अवसंरचना कोष (AIF) योजना और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) एवं प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के बीच अभिसरण (कन्वर्जेंस) मॉड्यूल का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पशुपति कुमार पारस ने आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि इस तरह की पहल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनकल्याण के लिए सामूहिक रूप से सरकार का संचालन करने की सोच साकार हो रही है,
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की राज्य सरकारों से निकट भविष्य में पराली जलाने पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उच्चस्तरीय बैठक में की समीक्षा
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत में, खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के साथ ही दुनिया के बड़े हिस्से की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता भी है। भविष्य की जरूरतों व चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक योजनाओं के साथ देश आगे बढ़ रहा है। उच्च खाद्यान्न उत्पादन बनाए रखने के लिए उत्पादकता बढ़ाना जरूरी है, इसके लिए भी देश सचेत है।
ग्रेटर नोएडा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय डेयरी महासंघ के विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन के तीसरे दिन बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में “फीड, फ़ूड एंड वेस्ट” पर विशेष सत्र हुआ। श्री तोमर ने देश-विदेश के उपस्थित प्रतिनिधियों का ध्यान कृषि और डेयरी क्षेत्र की चुनौतियों की ओर आकर्षित करते हुए उस पर मिल-जुलकर काम करने की बात कही।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरूवार को नई दिल्ली में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) पर परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर, श्री तोमर ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया, क्योंकि इससे दूसरे क्षेत्रों को भी मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल कृषि क्षेत्र में विकास के लिए आदर्श मॉडल हो सकता है और पीपीपी परियोजनाओं में आय बढ़ाकर किसानों को लाभान्वित करने पर जोर दिया जाना चाहिए।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को एनएएससी, पूसा, नई दिल्ली में रबी अभियान 2022-23 के लिए कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि चौथे अग्रिम अनुमान (2021-22) के अनुसार, देश में खाद्यान्न का उत्पादन 3157 लाख टन होने की संभावना है जो कि 2020-21 के दौरान खाद्यान्न के उत्पादन से 50 लाख टन अधिक है। 2021-22 के दौरान कुल दलहन और तिलहन का उत्पादन क्रमशः 277 और 377 लाख टन होने का अनुमान है, जो अभूतपूर्व है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज जूनागढ़ (गुजरात) में नारियल विकास बोर्ड के छठें राज्य केंद्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर तोमर ने 24वें विश्व नारियल दिवस समारोह का उद्घाटन भी किया। अपने संबोधन में श्री तोमर ने कहा कि भारत में नारियल की खेती के साथ ही, प्रसंस्करण और बाजार भी बढ़ रहा है, और निर्यात की दृष्टि से भी हमारा देश अग्रणी स्थिति में आ गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय बढ़ाने एवं सदैव उनके सामाजिक- आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य करने पर जोर देती रही है। साथ ही, केंद्र ने कृषि क्षेत्र के कल्याण के लिए अनेक पहल की हैं। इनमें, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) स्कीम, एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना की प्रगति को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 31 अगस्त को राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक में चर्चा की।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में एकरूपता है। अगर हम गरीब की बात करते हैं तो हम गरीब के जीवन स्तर में बदलाव लाना चाहते हैं, जब हम गैर बराबरी को समाप्त करने की बात करते हैं तो हम समानता स्थापित करना चाहते हैं, जब हम विकास की बात करते हैं तो विकास को चरम पर पहुंचाना चाहते हैं, जब हम देश को मजबूत करने की बात करते हैं तो हम अपने कृतित्व के माध्यम से भारत माता को परम वैभव के शिखर पर पहुंचाना चाहते हैं
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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