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मेष नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। नौकरी में वर्चस्व स्थापित…

हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है और प्रत्येक छोटे-बड़े काम के लिए पंचांग देखा जाता है. इसके माध्यम से ग्रहों की अच्छी-बुरी दशा का पता चलता है.

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है और कहते हैं कि इस व्रत को रखने से व्यक्ति को सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है.

हिंदू पंचांग का प्रत्येक महीना व दिन बेहद ही पवित्र माना गया है. हर माह व्रत, उपवास व त्योहार आते हैं जो कि अपना खास महत्व रखते हैं.

पंचांग में सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, ब्रम्‍ह मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, विजय महूर्त, गोधूलि मुहूर्त, अमृतकाल, निशिता मूहूर्त जैसे शुभ योग पर विचार करके सभी महत्‍वपूर्ण कार्य करने का समय सुनिश्‍च‍ित किया जाना चाहिए.

आज कल पंचांग का प्रचलन बहुत ही कम है। जीवन की सभी घटनाओं का ब्यौरा हमारे पास सिर्फ ईसवी कैलेंडर के अनुसार ही है, कारण बहुत साफ़ है, घर में घडी भी ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार है, हाथ घडी भी ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार है यहाँ तक कि मोबाइल का प्रयोग समय देखने के लिए होने लगा है वह भी ग्रेगोरियन कैलेंडर अनुसार ही है।

पंचांग’ भारतीयों द्वारा माना जाने वाला वैज्ञानिक कैलेंडर है।
पंचांग (पंच + अंग = पांच अंग)
पञ्चाङ्ग
भारत में ५ प्रकार से दिन लिखते हैं।
अतः यहां की काल गणना को पञ्चाङ्ग (५ अंग) कहते हैं।