Browsing: पं राजीव शर्मा

*- ब्राह्म काल , उषःकाल और प्रातःकाल शब्द अपने विशिष्ट लक्षण से युक्त पहचान वाले होते हैं। शास्त्रों में
इनका प्रयोग सावधानी पूर्वक प्रयुक्त हुआ है।ब्राह्म काल तीन घण्टे का होता है–