Browsing: परिभाषित
भारत और चीन के बीच अपने-अपने क्षेत्रीय अधिकारों को लेकर बढ़ती झड़पों के बीच एक आरटीआई के जवाब में सरकार ने कहा कि दरअसल दोनों देशों के बीच कोई ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा’ नहीं है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर भारतीय प्रवासियों के लिए वैभव फैलोशिप योजना की शुरुआत की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘बरिसू कन्नड़ दिम दिमावा’ सांस्कृतिक उत्सव का उद्घाटन किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष मंत्रालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नए साल के पहले दिन मीडिया से बातचीत में कहा कि 2023 साइंस विजन 2047 में भारत को परिभाषित करेगा।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि नए मतदाता इंडिया@2047 को परिभाषित करेंगे और अपने युवाकाल वाले इन वर्षों में उनके पास अपनी ओर से सेंचुरी इंडिया के निर्माण में योगदान करने का विशेष अवसर है, जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि अगर भारत वास्तव में 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा रखता है, जैसाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2022 को अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कहा था, तो कृत्रिम बुद्धिमत्ता देश को उस गंतव्य तक पहुंचाने तथा देश के प्रत्येक नागरिक के लिए समृद्धि लाने में सहायता करेगी।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने गुरूवार को भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) से देश में सभी विभिन्न गुणवत्ता और मानक संगठनों को आपस में मिलाने का प्रयास करने को कहा जिससे वे भारत में एक विश्वस्तरीय गुणवत्ता प्रणाली के निर्माण की दिशा में मिलकर काम कर सकते हैं