Browsing: पार्थसारथि थपलियाल
संस्कृति-राष्ट्रीय संगोष्ठी : भारत की एकात्मता और जन जातीय संस्कृति
भारत देवभूमि है। इस देवभूमि में सनातन संस्कृति के अनुसार जीवन जीने की परंपरा रही है। गाँव मे जनसामान्य भी जानता है कि चौमासे में हमारी जीवनशैली क्या होनी चाहिए। खान पान में कई भोज्य निषेध हैं कई ग्राह्य हैं।
यमराज- द्वारपाल! कुबेर को शक हो गया है कि उनके राजस्व में कमी आ गई है। अश्वनी कुमारों ने कुबेर को जो खुफिया…
वेदों में कई तरह की कामनाएं पढ़ने को मिलती हैं। अथर्ववेद में इसी तरह की कुछ कामनाएं हैं। जीवेम शरदः शतम-…
आज गुरुपूर्णिमा है। सनातन संस्कृति के आदि ग्रंथों के सृजक महर्षि वेदव्यास जी का जन्मदिन है। वेदों और उपनिषदों के संकलनकर्ता, पुराणों और महाभारत के रचयिता…
© 2026 Samagra Bharat News website. All Rights Reserved.