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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न विभागों पर गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जी-ईएम) प्लेटफॉर्म के प्रभाव के बारे में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा लिखित एक आलेख को साझा किया है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि लखनऊ और हरदोई में पीएम मित्र पार्क से उत्तर प्रदेश की कुशल जनशक्ति के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण एवं वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस के पेरिस में भारत-फ्रांस व्यापार शिखर सम्मेलन और सीईओ गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में अवसरों का एक बड़ा क्षेत्र है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण एवं वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विश्व हर क्षेत्र में भारत से अपेक्षा कर रहा है।
पीयूष गोयल ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिनांक 13 मार्च, 2023 को उठाए गए औचित्य के प्रश्न के निर्धारण के संबंध में भारत की संसद का अपमान करने का आरोप लगाया है :
केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि एक विकसित राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अग्रणी बनने की यात्रा में लॉजिस्टिक्स भारत की नीति निर्माण का केन्द्रबिंदु बन गया है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और कुशल नेतृत्व की सराहना की, जिसने भारत को दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में बदल दिया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में मुंबई में पहली जी-20 व्यापार और निवेश कार्य समूह (टीआईडब्लूजी) की बैठक संपन्न हुई।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग , उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री, पीयूष गोयल ने घोषणा की कि भारत का कुल निर्यात, जिसमें सेवाओं और व्यापारिक वस्तुओं का निर्यात शामिल है,
पीयूष गोयल ने कहा है कि इंडिया@75 से इंडिया@100 तक की यात्रा को अमृत काल के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत बनने के लिए एक कुशल लॉजिस्टिक्स इको-प्रणाली की आवश्यकता है।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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