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हिंदी पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है और इसे द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है और इस दिन विधि-विधान के साथ उनका पूजन किया जाता है.
हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है और प्रत्येक एकादशी का नाम उसके महत्वपूर्ण के अनुसार रखा गया है. आज यानि 2 जनवरी 2023 को पौष माह की एकादशी तिथि है जिसे सनातन धर्म में पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह साल 2023 की पहली एकादशी है.
हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है और हर माह दो एकादशी के व्रत आते हैं. इस प्रकार साल में कुछ 24 एकादशियां आती हैं और प्रत्येक एकादशी अपना एक विशेष महत्व रखती है. हिंदू पंचांग के अनुसार आज यानि 19 दिसंबर को पौष माह यानि पूस की एकादशी है जिसे सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है.
हिंदू पंचांग के अनुसार आज यानि 7 दिसंबर को मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि है और हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व है. भक्तजन इस दिन भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत-उपवास व दान करते हैं. कहते हैं कि पूर्णिमा का व्रत करने से देवतागण प्रसन्न होते हैं और मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.
बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ पूजा एक महापर्व है और यह चार दिनों तक चलता है. इस दौरान महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत करती हैं और भगवान सूर्य समेत छठी मैया का भी पूजन किया जाता है. इस महापर्व की शुरुआत 28 अक्टूबर से हो गई है और 31 अक्टूबर का इसका समापन होगा.
नवरात्रि में 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाता है और इसके बाद 10वें दिन दशहरा का त्योहार मनाया जाता है. दशहरा हिंदू धर्म का लोकप्रिय त्योहार है जो कि लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है. इस दिन मेले का आयोजन होता है रावण दहन किया जाता है. कई जगहों पर दशहरा को विजय दशमी के नाम से भी जाना जाता है और इस बार यह त्योहार 5 अक्टूबर 2022, बुधवार के दिन मनाया जाएगा.
विश्वकर्मा के दिन कारखानों में मशीनों की पूजा की जाती है और भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की जाती है कि व्यापार व नौकरी में तरक्की होती रहे. बता दें कि विश्वकर्मा पूजा हर साल कन्या संक्रांति के दिन की जाती है।
हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत काफी महत्वपूर्ण माना गया है और साल में कुल 24 एकादशी आती हैं. प्रत्येक एकादशी अपने आप में काफी विशेष है. भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है जो कि पंचांग के अनुसार आज यान 22 अगस्त को मनाई जा रही है.
भाद्रपद का महीना आज यानि 12 अगस्त से शुरू हो गया है और हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के दिन कजरी पर्व मनाया जाता है. यह व्रत सुहागिनों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है. इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत करती हैं. आइए जानते हैं कजरी तीज की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि.
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 10जून। आज यानि 10 जून को साल की सबसे बड़ी एकादशी यानि ‘निर्जला एकादशी’ है और इस दिन लोग दिनभर निर्जल…