जब सिनेमा झूठ को तोड़ता है: राष्ट्र, नैरेटिव और आतंकवाद की सच्ची कहानीBy SmgrabharatDecember 26, 2025 पूनम शर्मा भारतीय समाज में सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं रहा। वह स्मृति बनता है, सोच गढ़ता है और कई बार इतिहास को दोबारा जनता के सामने…