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ब्रिटेन के विदेश सचिव जेम्स क्लीवरली अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के लिए शुक्रवार को भारत पहुंचेंगे, इस दौरान वह अपने भारतीय समकक्ष से मुलाकात करेंगे और ब्रिटेन-भारत संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।

लॉर्ड रामी रेंजर सीबीई ने मंगलवार को ऋषि सनक को यूके के पहले अश्वेत प्रधानमंत्री बनने के लिए हार्दिक बधाई दी और इसे विश्वास की शक्ति करार दिया।

कभी ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने भारत की आजादी के विरोध में कहा था ‘अगर भारत को आजाद किया गया तो सत्ता गुंडों और मुफ्तखोरों के हाथ में चली जाएगी. सभी भारतीय नेता बहुत ही कमजोर, भूसे के पुतलों जैसे होंगे…’ आज उसी विंस्टन चर्चिल के इंग्लैंड में एक भारतवंशी प्रधानमंत्री बन गया है.

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यालय ने बुधवार को जानकारी दी कि… केरल के डिजिटल विश्वविद्यालय (DUK) ग्रेफीन के क्षेत्र में सहयोग के लिए ऑक्सफोर्ड, एडिनबर्ग, मैनचेस्टर और सीजेन विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

भारत इस दशक के अंत तक ब्रिटेन को पीछे छोड़ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसलिए दोनों देशों को एक साथ काम करने की जरूरत है। ब्रिटिश उच्चायुक्त अलेक्स एलिस ने कहा कि दोनों अर्थव्यवस्थाएं करीब एक ही आकार की हैं। लेकिन, भारत तेजी से बढ़ रहा है और ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ब्रिटेन की प्रधानमंत्री माननीया एलिजाबेथ ट्रस से टेलीफोन पर बातचीत की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री का पद संभालने पर प्रधानमंत्री ट्रस को बधाई दी।

किंग चार्ल्स तृतीय को आज ‘एक्सेशन काउंसिल’ के एक ऐतिहासिक समारोह में ब्रिटेन का नया महाराज घोषित कर दिया गया. इस कार्यक्रम का पहली बार टेलीविजन पर प्रसारण किया गया था. उनकी मां और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन हो जाने के बाद 73 वर्षीय पूर्व प्रिंस ऑफ वेल्स की ताजपोशी की गई.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिज ट्रस को ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने पर बधाई दी है। मोदी ने उन्हें उनकी नई भूमिका एवं उत्तरदायित्वों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

कोरोना महामारी को मात देकर भारत की अर्थव्यवस्था ने तेज गति से अपना विस्तार किया है। भारत अब ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। ब्रिटेन पांचवें पायदान से फिसलकर छठे नंबर पर पहुंच गया है। ब्रिटेन इस वक्त जीवन-यापन की लागत बढ़ने की वजह से मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे में उसका छठे नंबर पर फिसलना वहां कि सरकार के लिए बड़ा झटका है।