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राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज श्री राम कथा आयोजन के कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने आयोजन में शामिल होकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, आचार्य श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से स्वागत किया।
ये राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सिनेमैटोग्राफर, लेखक, अभिनेता और निर्देशक अनिल मेहता द्वारा “सिनेमैटोग्राफर के जीवन को परिभाषित करने वाले सिद्धांत” के रूप में साझा किए गए कुछ महत्वपूर्ण सूत्र हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा और करोड़ों जनजातीय वीरों के सपनों को साकार करने के लिए राष्ट्र ‘पंच प्राण’ की ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से देश की आदिवासी विरासत पर गर्व व्यक्त करना और आदिवासी समुदाय के विकास का संकल्प इसी ऊर्जा का हिस्सा है।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कल (15 नवंबर, 2022) भगवान बिरसा मुंडा के जन्म स्थान, झारखंड के उलिहातु गांव का दौरा करेंगी।
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण महोत्सव (मोक्ष कल्याणक) के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
आज धनतेरस है।धनतेरस दीपावली की दस्तक है। हम धनतेरस की चौखट पर खड़े होकर दीपावली की तरफ देखते हैं, धनतेरस स्वास्थ्य और समृद्धि के बीच जागरूकता का पर्व है। धनतेरस लक्ष्मीपूजा और नए बरतन खरीदने के कर्मकांड के साथ ही आयुर्वेद के प्रणेता व वैद्यकशास्त्र के देवता भगवान धन्वंतरि का जन्मदिन भी है।
हिंदू धर्म में कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य पंचांग में मुहूर्त देखने के बाद ही किया जाता है. खास तौर पर शादी-विवाह, मुंडन व गृह प्रवेश आदि ये सभी कार्य करने के लिए लोग कार्तिक माह का इंतजार करते हैं. जो कि चातुर्मास का अंतिम महीना होता और इसे भगवान विष्णु का प्रिय महीना भी कहा जाता है. कहते हैं कार्तिक माह में पवित्र नदियों में स्नान करना और दान-पुण्य करना बेहद ही फलदायी होता है.
संस्कृति संज्ञान के पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार सिंघल राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री उदय कौशिक जी राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश मानसरोवर धाम समिति एवं श्री आनंद निंबादिया जी , डी.आई.जी इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस, ने आदरणीय श्री अवनीश अवस्थी जी अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार से उनके लखनऊ स्थित कार्यालय में मुलाकात की। इस अवसर पर उन्हें संस्कृति संज्ञान की स्मारिका एवं भगवान गणेश की एक मूर्ति भेंट की गई।
साधारण से लगने वाले भगवान श्रीकृष्ण के नामों के इस मन्त्र में अपार शक्ति है । जानें, श्रीकृष्ण के इस मन्त्र का क्या है भावार्थ और इसके द्वारा भगवान से क्या प्रार्थना की जाती है ?
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 4मई। दो भक्त थे । एक भगवान् श्रीरामका भक्त था, दूसरा भगवान् श्रीकृष्ण का । दोनों अपने-अपने भगवान् (इष्टदेव)-को श्रेष्ठ बतलाते…