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दूरदराज के क्षेत्रों के विकास के बारे में राष्ट्रीय नेतृत्व के दृष्टिकोण को जारी रखते हुए, भारतीय नौसेना ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के साथ संपर्क को मजबूत बनाने के लिए एक बहुआयामी आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया है।
तकनीकी सहयोग और संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिए भारतीय नौसेना और भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के बीच नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
भारतीय नौसेना ने 27 अगस्त, 2023 को गोवा में सागर परिक्रमा IV के लिए अपनी तैयारियों की औपचारिक शुरुआत का संकेत दिया।
नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और फिलीपीन तटरक्षक बल के कमांडेंट सीजी एडमिरल आर्टेमियो एम अबू ने 23 अगस्त 2023 को व्हाइट शिपिंग सूचना के आदान-प्रदान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर हस्ताक्षर किए।
माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 17 अगस्त, 23 को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड में प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट के पोत विन्ध्यागिरी का शुभारंभ करेंगी।
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 14 जुलाई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में 13 जुलाई, 2023 को…
रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने भारतीय नौसेना के लिए तीन अतिरिक्त स्कोपीन श्रेणी की पनडुब्बियों के साथ 22 राफेल एमएस और 4 ट्विन सीटर ट्रेनर संस्करणों को मिलाकर 26 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है.
समग्र समाचार सेवा पेरिस, 8 जुलाई। त्रिसेवा दल के हिस्से के रूप में भारतीय नौसेना का मार्चिंग दस्ता, 14 जुलाई 23 को पेरिस में बैस्टिल डे…
क्वांटम प्रौद्योगिकी का उपयोग शीघ्र ही रमन शोध संस्थान ( आरआरआई ) और भारतीय नौसेना द्वारा एक संयुक्त प्रयास में सुरक्षित सामुद्रिक संचार विकसित करने के लिए किया जाएगा।
रक्षा मंत्री के कार्यालय ने एक ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी है कि भारतीय नौसेना के लिये अगली पीढ़ी के 11 अपतटीय गश्ती पोतों और अगली पीढ़ी के छह प्रक्षेपास्त्र पोतों के अधिग्रहण के सम्बंध में रक्षा मंत्रालय ने 30 मार्च, 2023 को भारतीय शिपयार्डों के साथ 19,600 करोड़ रुपये की संविदाओं पर हस्ताक्षर किये हैं।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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