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बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ पूजा एक महापर्व है और यह चार दिनों तक चलता है. इस दौरान महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत करती हैं और भगवान सूर्य समेत छठी मैया का भी पूजन किया जाता है. इस महापर्व की शुरुआत 28 अक्टूबर से हो गई है और 31 अक्टूबर का इसका समापन होगा.

इंडियन पासपोर्ट पर कुछ देशों में वीजा ऑन अराइवल की सुविधा भी उपलब्ध है. लेकिन, क्या आपको पता है कि भारत में ही 3 तरह के पासपोर्ट होते हैं. इनके बिना आप विदेश नहीं जा सकते है. इन तीनों का अलग-अलग महत्व है. विदेश जाने के अलावा यह महत्वपूर्ण आईडी/अड्रेस प्रूफ के लिए इस्तेमाल होते. आईए जानते है रंगों के आधार पर इंडियन पासपोर्ट के महत्व

हिंदू धर्म में दिवाली का बहुत अधिक महत्व होता है। हर किसी को इस महापर्व का साल भर इंतजार रहता है। धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहार दीपावली की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। धनतेरस का पर्व छोटी दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की तेरहवीं या त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का पर्व मनाया जाता है।

हिंदू संस्कृति में तिलक का बहुत महत्व माना जाता है। कोई धार्मिक कार्य या पूजा-पाठ में सबसे पहले सबको तिलक लगाया जाता है। यही नही जब हम कभी किसी धार्मिक स्थल पर जाते हैं तब भी सर्वप्रथम हमें तिलक लगाया जाता है। दरअसर हिंदू संस्कृति व शास्त्रों में तिलक को मंगल व शुभता का प्रतीक माना जाता है।

हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है और इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत करती हैं. कहते हैं कि विधि-विधान से यह व्रत करने से दांपत्य जीवन में भी खुशहाली आती है. इस साल यह व्रत कल यानि 13 अक्टूबर को रखा जाएगा. करवा चौथ के दिन महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत करने के बाद रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं. इसलिए इस व्रत में चंद्रमा का भी खास महत्व होता है. आइए जानते हैं करवा चौथ का महत्व और इतिहास.

हिंदू धर्म में कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य पंचांग में मुहूर्त देखने के बाद ही किया जाता है. खास तौर पर शादी-विवाह, मुंडन व गृह प्रवेश आदि ये सभी कार्य करने के लिए लोग कार्तिक माह का इंतजार करते हैं. जो कि चातुर्मास का अंतिम म​हीना होता और इसे भगवान विष्णु का प्रिय महीना भी कहा जाता है. कहते हैं कार्तिक माह में पवित्र नदियों में स्नान करना और दान-पुण्य करना बेहद ही फलदायी होता है.

01अक्टूबर को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि यानी शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के छठें स्वरूप देवी कात्यायनी की पूजा करने का विधान है। कहा जाता है कि मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 1 अक्टूबर 2022 से एक महीने तक चलने वाले देशव्यापी स्वच्छ भारत 2022 का शुभारंभ करेंगे।

हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है और हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है. मान्यता है कि पितृ पक्ष में पूर्वज धरती पर आते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं. ऐसे में पूरे विधि-विधान के साथ उनका तर्पण व पिंडदान करना चाहिए. इससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है.

गुरु पूर्णिमा सनातन धर्म की संस्कृति है। ऐसा माना जाता है कि परमेश्वर शिव दक्षिणामूर्ति रूप में समस्त ऋषि मुनियों को शिष्य के रूप शिवज्ञान प्रदान…