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त्रिदीब रमण ’उतनी बारूद अपने अंदर बचा कर रखना जितनी रखती हैं माचिस की तिल्लियां अंधेरों को मालूम हो तेरे जलने का हुनर’ शह-मात की सियासी…

त्रिदीब रमण  भभकती रोशनी, मेकअप रंगे चेहरे, चुप्पी साधे हुए कैमरे आइनाखाने ने भी जाने क्या यह कमाल का इनाम बख्शा है सबको दिखाते हैं आइने,…