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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 8 जुलाई। रक्षा मंत्रालय ने 07 जुलाई, 2023 को नई दिल्ली में 458.87 करोड़ रुपये की कुल लागत पर संबंधित इंजीनियरिंग…

रक्षा मंत्रालय ने 31 मार्च, 2023 को अल्ट्रा डायमेंशन्स प्राइवेट लिमिटेड (यूडीपीएल), विशाखापत्तनम के साथ गोवा और कोच्चि में नौसेना विमान यार्ड (एनएवाई) के आधुनिकीकरण के लिए लगभग 470 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

रक्षा मंत्री के कार्यालय ने एक ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी है कि भारतीय नौसेना के लिये अगली पीढ़ी के 11 अपतटीय गश्ती पोतों और अगली पीढ़ी के छह प्रक्षेपास्त्र पोतों के अधिग्रहण के सम्बंध में रक्षा मंत्रालय ने 30 मार्च, 2023 को भारतीय शिपयार्डों के साथ 19,600 करोड़ रुपये की संविदाओं पर हस्ताक्षर किये हैं।

रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ को और बढ़ावा देते हुए, रक्षा मंत्रालय ने 30 मार्च, 2023 को भारतीय सेना के लिए उन्नत आकाश अस्त्र प्रणाली और अस्त्रों का पता लगाने वाले 12 स्वाति रडारों (मैदानी) की खरीद के लिए 9,100 करोड़ रुपये से अधिक अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।

आयुष मंत्रालय और भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग/ईसीएचएस, रक्षा मंत्रालय (ईसीएचएस/डीओईएसडब्ल्यू) ने ओपीडी सेवा के रूप में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक में आयुर्वेद को जोड़ने के लिए आज पांच वर्ष के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

रक्षा मंत्रालय ने 23 मार्च, 2023 को भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं में बढ़ोतरी के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ 3,700 करोड़ रुपये से अधिक के दो अलग-अलग अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।

रक्षा मंत्रालय ने 13 मार्च, 2023 को ‘आत्मनिर्भर भारत’ हासिल करने और उसे बढ़ावा देने के लिए 934 करोड़ रुपये की कुल लागत से हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल), विशाखापत्तनम में सिंधुकीर्ति पनडुब्‍बी की सामान्य मरम्‍मत के एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

रक्षा मंत्रालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण के तहत रक्षा उपकरणों के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है।

रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर जनजातीय कार्य मंत्रालय अमृत महोत्सव के विशेष अवसर पर ‘मिलेट्री-टैटू’ और जनजातीय नृत्य उत्सव ‘आदि शौर्य – पर्व पराक्रम का’ का आयोजन कर रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली में फ्रांसी के सशस्त्र बल मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के साथ चौथी भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता आयोजित की। यह बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। वार्ता में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय, रक्षा एवं रक्षा औद्योगिक सहयोग के मुद्दों से जुड़े विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई।