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भारत ने भूटान की पंचवर्षीय योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये की सहायता का ऐलान किया। दो नई रेल लाइनें और असम में नया इमिग्रेशन चेक-पॉइंट…
पूनम शर्मा भारत की अवज्ञा बनाम वॉशिंगटन का शक्ति नाटक कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ऐसे दृश्य सामने आते हैं जिन्हें देखकर लगता है जैसे पूरा विश्व…
मंत्री कवासी लखमा के बयान के बाद अब बवाल शुरू हो गया है। भाजपा आदिवासी हिंदू नहीं… मंत्री के इस बयान का विरोध कर रही है।
नई दिल्ली में आयोजित वैश्विक मोटा अनाज (श्री अन्न) सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के बाद मोटे अनाजों की मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक आयोजित की गई।
केंद्र सरकार ने एक ‘हाई प्राइस डे अहेड मार्केट एंड सरप्लस पावर पोर्टल’ (पीयूएसएचपी) लॉन्च किया है – बिजली की अधिकतम मांग वाले मौसम के दौरान बिजली की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह एक पहल की गई है।
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने गर्मी के मौसम के दौरान बिजली की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये बहुआयामी रणनीति तैयार की है।
“जनवरी 2020 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कोविड-19 को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने से बहुत पहले, महामारी प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर समर्पित रूप से ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रक्रियाओं और संरचनाओं को रखा गया था।
भविष्य की रणनीति विकास की गति बढ़ाने के लिए टिकाऊ और ऊर्जा कुशल बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने की होनी चाहिए। आवासन और शहरी कार्य तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप एस. पुरी ने आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) के तहत एक नवरत्न सीपीएसई एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के 63वें स्थापना दिवस पर कहा कि सामाजिक और पर्यावरण की दृष्टि से जिम्मेदार विकास माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना का मूल सिद्धांत है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19-21 अक्टूबर 2022 तक राजकोट, गुजरात में भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन-दिवसीय कार्यक्रम ‘इंडियन अर्बन हाउसिंग कॉन्क्लेव-2022’ (आईयूएचसी-2022) का उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री, श्री हरदीप सिंह पुरी, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री कौशल किशोर और केंद्र एवं राज्यों के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित होंगे।
हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है, अब जल्द ही गुजरात की घोषणा भी होने वाली है। ऐसे में गुजरात में 27 साल से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के पास अपना किला बचाने की बड़ी चुनौती है। सूत्रों की मानें तो एक बार फिर गुजरात में भाजपा की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने उठा ली है।