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लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में जारी चिंतन शिविर के अंतिम दिन की शुरूआत योगा शिविर से हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्य सचिव एसएस संधु व तमाम वरिष्ठ अधिकारी गणों ने योग किया।
एक दौर था जब पीने का ताँबे की गुंडियों, वेसल्स और लोटों में रखा जाता था। गाँव देहात में ये प्रचलन आज भी कहीं ना कहीं देखने में आ ही जाता है लेकिन बीते कुछ दशकों में हमने ताँबे को भूलना शुरू कर दिया। मेरे ननिहाल में ताबें की बहुत बड़ी गुंड (मटके के आकार का बर्तन) में पीने का पानी रखा जाता था।
भारत में अंग्रेजी सत्ता के आने के साथ ही गाँव-गाँव में उनके विरुद्ध विद्रोह होने लगा; पर व्यक्तिगत या बहुत छोटे स्तर पर होने के कारण इन संघर्षों को सफलता नहीं मिली। अंग्रेजों के विरुद्ध पहला संगठित संग्राम 1857 में हुआ। इसमें जिन वीरों ने अपने साहस से अंग्रेजी सेनानायकों के दाँत खट्टे किये, उनमें झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का नाम प्रमुख है।
इनका जन्म 5 अक्टूबर, 1524 ईस्वी को हुआ था। ये अंग्रेजों के शासन से कई 3 सदी पहले की वीरांगना थीं। मध्य प्रदेश के गोंडवाना में उनका शासन था। जिस गढ़मंडला राज्य पर उनका शासन था, उसका केंद्र जबलपुर में था। उनके पति गौड़ राजा दलपत शाह की असामयिक मृत्यु हो गई थी।
नीदरलैंड की महामहिम रानी मैक्सिमा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से 29 अगस्त सोमवार को राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।राष्ट्रपति ने रानी मैक्सिमा का स्वागत किया तथा भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के बारे में चर्चा की। बैठक के दौरान भारत के पूर्व राष्ट्रपति की अप्रैल, 2022 में नीदरलैंड की राजकीय यात्रा को याद किया गया।