ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहीं – राष्ट्रकवि रामधारी सिंह “दिनकर”By Samagra BharatJanuary 1, 2022 कविताएं- ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहीं है अपना ये त्यौहार नहीं है अपनी ये तो रीत नहीं है अपना ये व्यवहार नहीं धरा ठिठुरती है…