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श्रीलंका सरकार के निमंत्रण पर राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के महानिदेशक भरत लाल के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय यात्रा के दौरान 1 अप्रैल 2023 को श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से भेंट की।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के 36वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं और उसे संबोधित किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रामनवमी की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को बधाई दी है।
भारतीय सूचना सेवा (2018, 2019, 2020, 2021 और 2022 बैच) के अधिकारी/अधिकारी प्रशिक्षुओं तथा भारतीय नौसेना आयुध सेवा के प्रोबेशनरी अधिकारियों ने आज (29 मार्च, 2023) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 28 मार्च को शांतिनिकेतन में विश्वभारती के दीक्षांत समारोह में भाग लिया और कार्यक्रम को संबोधित किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (28 मार्च, 2023) कोलकाता में यूको बैंक के 80 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 19वीं सदी में स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित रामकृष्ण मिशन के वैश्विक मुख्यालय बेलूर मठ का मंगलवार को दौरा किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिन के सरकारी दौरे पर आज सुबह कोलकाता पहुंचीं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी वी आनंद बोस, राज्य नगरपालिका मामले और शहरी विकास मंत्री फरहाद हकीम, अग्निशमन के राज्य प्रभारी मंत्री सुजीत बोसु, मुख्य सचिव हरिकृष्ण द्विवेदी और राज्य के पुलिस महानिदेशक मनोज मालवीय ने उनकी अगवानी की।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 27 से 28 मार्च, 2023 तक पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगी।
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने 25 मार्च, 2023 को राजस्थान के सूरतगढ़ सैन्य स्टेशन में आयोजित एक प्रभावशाली मानक प्रस्तुति परेड के दौरान भारतीय सेना की चार बख्तरबंद रेजीमेंटों- 49 बख्तरबंद रेजिमेंट, 51 बख्तरबंद रेजिमेंट, 53 बख्तरबंद रेजिमेंट और 54 बख्तरबंद रेजिमेंट को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति के मानक’ या ‘निशान’ से सम्मानित किया।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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