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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से आज (16 दिसंबर, 2022) भारतीय सांख्यिकी सेवा के प्रोबेशनरों ने आज राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रूसी संघ के राष्ट्रपति महामहिम श्री व्लादिमीर पुतिन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर 14 दिसंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार, राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता नवोन्मेष पुरस्कार और राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता पुरस्कार प्रदान किये।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार, राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता नवाचार पुरस्कार और राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने इस अवसर पर ‘ईवी-यात्रा पोर्टल’ का भी शुभारंभ किया। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा निकटतम सार्वजनिक ईवी चार्जर के लिए इन-व्हीकल नेविगेशन की सुविधा के लिए ‘ईवी-यात्रा पोर्टल’ विकसित किया गया है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 10 दिसंबर, 2022 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा आयोजित मानवाधिकार दिवस समारोह में उपस्थित होकर समारोह की शोभा बढ़ाई। राष्ट्रपति ने इस समारोह को संबोधित भी किया।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज (11 दिसंबर, 2022) भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (9 दिसंबर, 2022) देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया और उसे संबोधित किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार (9 दिसंबर, 2022) को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी में 97वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह को संबोधित किया।
जिम्बाब्वे की संसद के स्पीकर एडवोकेट जैकब फ्रांसिस न्ज्विदामिलिमो मुडेंडा के नेतृत्व में जिम्बाब्वे के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने 7 दिसंबर को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 8 से 9 दिसम्बर, 2022 तक उत्तराखंड का दौरा करेंगी।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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